दशमहाविद्या – तारा
भगवती काली को ही नीलरुपा होने के कारण तारा भी कहा गया है. वचनान्तर से तारा नाम का रहस्य यह
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भगवती काली को ही नीलरुपा होने के कारण तारा भी कहा गया है. वचनान्तर से तारा नाम का रहस्य यह
प्राचीन समय में प्रियव्रत नाम के एक बहुत प्रसिद्ध राजा हुए, इनके पिता का नाम स्वायम्भुव मनु था. प्रियव्रत योगीराज
जय देव जगन्नाथ जय शंकर शाश्वत । जय सर्वसुराध्यक्ष जय सर्वसुरार्चित ।।1।। जय सर्वगुणातीत जय सर्ववरप्रद । जय नित्यनिराधार जय
दस महाविद्याओं में काली का प्रथम स्थान है. महाभागवत के अनुसार महाकाली ही मुख्य हैं और उनके उग्र तथा सौम्य
अविनयमपनयविष्णो दमयं मन: शमयविषयमृगतृष्णां । भूतदयां विस्तारय तारय संसारसागरात:।।1।। अर्थ – हे विष्णु भगवान ! मेरी उद्दण्डता दूर कीजिए. मेरे
31 जनवरी, सन 2018, दिन बुधवार, माघ पूर्णिमा के दिन सायंकाल से खग्रास चन्द्रग्रहण सारे भारतवर्ष में दिखाई देगा. इस