सूर्याष्टकम्
जिन लोगों को नौकरी नहीं मिल पा रही है या मनचाही नौकरी नहीं मिल रही है या सरकारी नौकरी मिलने
Astrology, Mantra and Dharma
जिन लोगों को नौकरी नहीं मिल पा रही है या मनचाही नौकरी नहीं मिल रही है या सरकारी नौकरी मिलने
चिदाकारो धाता परमसुखद: पावनतनु- र्मुनीन्द्रैर्योगीन्द्रैर्यतिपतिसुरेन्द्रैर्हनुमता । सदा सेव्य: पूर्णो जनकतनयांग: सुरगुरू रमानाथो रामो रमतु मम चित्ते तु सततम्।।1।। मुकुन्दो
नमस्ते शरण्ये शिवे सानुकम्पे नमस्ते जगद्व्यापिकेविश्वरूपे। नमस्ते जगद्वन्द्यपादारविन्दे नमस्ते जगत्तारिणि त्राहि दुर्गे।।1।। नमस्ते जगच्चिन्त्यमानस्वरूपे नमस्ते महायोगिनि ज्ञानरूपे। नमस्ते नमस्ते सदानन्दूपे
प्रात: स्मरामि हृदि संस्फुरदात्मतत्त्वं सच्चित्सुखं परमहंसगतिं तुरीयम् । यत्स्वप्नजागरसुषुप्तिमवैति नित्यं तद्ब्रह्म निष्कलमहं न च भूतसंघ:।।1।। अर्थ – मैं प्रात:काल, हृदय
नमस्ते श्रियै राधिकायै परायै नमस्ते नमस्ते मुकुन्दप्रियायै। सदानन्दरूपे प्रसीद त्वमन्त:- प्रकाशे स्फुरन्ती मुकुन्देन सार्धम् ।।1।। अर्थ – श्रीराधिके! तुम्हीं श्री
महेन्द्र उवाच नमो देव्यै महादेव्यै सुरभ्यै च नमो नम:। गवां बीजस्वरूपायै नमस्ते जगदम्बिके।।1।। नमो राधाप्रियायै च पद्मांशायै नमो नम:। नम: