श्रावण मास माहात्म्य – पाँचवाँ अध्याय
श्रावण मास में किए जाने वाले विभिन्न व्रतानुष्ठान और रविवार व्रत वर्णन में सुकर्मा द्विज की कथा ईश्वर बोले –
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श्रावण मास में किए जाने वाले विभिन्न व्रतानुष्ठान और रविवार व्रत वर्णन में सुकर्मा द्विज की कथा ईश्वर बोले –
धारणा-पारणा, मासोपवास व्रत और रूद्र वर्तिव्रत वर्णन में सुगंधा का आख्यान ईश्वर बोले – हे सनत्कुमार ! अब मैं धारण-पारण
श्रावण माह में की जाने वाली भगवान् शिव की लक्ष पूजा का वर्णन सनत्कुमार बोले – हे भगवन ! आपने
श्रावण मास में विहित कार्य ईश्वर बोले – हे महाभाग ! आपने उचित बात कही है. हे ब्रह्मपुत्र ! आप
ईश्वर सनत्कुमार संवाद में श्रावण मास के माहात्म्य का वर्णन शौनक बोले – हे सूत ! हे सूत ! हे
मनोनिवृत्ति: परमोपशान्ति: सा तीर्थवर्या मणिकर्णिका च। ज्ञानप्रवाहा विमलादिगंगा सा काशिकाSहं निजबोधरूपा।।1।। यस्यामिदं कल्पितमिन्द्रजालं चराचरं भाति मनोविलासम्। सच्चित्सुखैका परमात्मरूपा सा