पंच महाभूत फल अध्याय
बृहत् पराशर होरा शास्त्र के अध्याय 78 में पंच महाभूत अर्थात पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि व आकाश के बारे में
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बृहत् पराशर होरा शास्त्र के अध्याय 78 में पंच महाभूत अर्थात पृथ्वी, जल, वायु, अग्नि व आकाश के बारे में
बृहत् पराशर होरा शास्त्र के अध्याय 77 में महर्षि पराशर जी द्वारा पंच महापुरुष योगों के लक्षणों के बारे में
बृहत् पराशर होरा शास्त्र के अध्याय 77 {अथ पंचमहापुरुष लक्षणाध्याय:} में पंच महापुरुष योगों का वर्णन किया गया है। जिसमें
महादेव जी बोले – वत्स ! भगवान् शंकर की पूजा का माहात्म्य मुझसे भक्तिभाव तथा ध्यानपूर्वक संक्षेप में सुनिए।।1।। कलियुग
श्रीमहादेव जी बोले – मुनिश्रेष्ठ ! अब मैं रुद्राक्ष की महिमा तथा उसके परम पवित्र और गोपनीय आख्यान का संक्षेप
श्रीनारदजी बोले – परमेश्वर ! महान पातकों का नाश करने वाले योनिपीठ तीर्थ का माहात्म्य आप के मुखकमल से मैंने