शुक्र का कर्क राशि में गोचर – 1 सितंबर 2020

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1 सितंबर 2020 के दिन 2 बज कर 18 मिनट पर शुक्र ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करेगें और इस राशि मे यह 28 सितंबर तक रहेगें. इस राशि मे यह लगभग एक महीने तक गोचर करेगें. शुक्र को भोग-विलास का कारक ग्रह माना जाता है. इसके साथ ही यह प्रजनन का कारक भी माना जाता है क्योंकि शुक्राणु इसी ग्रह के अन्तर्गत आते हैं. फैशन, आर्ट आदि भी इसी ग्रह के अन्तर्गत आते हैं. कामुकता, सेक्स लाइफ, रोमांच और रोमांस सभी इसी ग्रह से देखे जाते है. यदि किसी की कुंडली में शुक्र कमजोर है तब उसकी सेक्स लाइफ भी बहुत अच्छी नहीं कही जाएगी. 

किसी भी ग्रह का गोचर चंद्रमा से देखा जाएगा अर्थात व्यक्ति की जन्म कुंडली में चंद्रमा जिस राशि में है उससे गोचर के ग्रह देखे जाएँगे कि चंद्र राशि से वह ग्रह किस भाव में चल रहा है. शुक्र के कर्क राशि में प्रवेश करने पर यह बारह राशियों – मेष से मीन तक – में क्या फल देगें उसका विवरण नीचे दिया जा रहा है :- 

 

मेष राशि /Aries Moon Sign

मेष राशि से शुक्र का गोचर चौथे भाव में रहेगा जो कि चंद्रमा की राशि है. इस भाव में शुक्र का गोचर शुभ फल प्रदान करता है.यदि आपने काफी समय से घर लेने का प्लान कर रखा है तब इस समय आपके प्रयास सफल हो सकते हैं लेकिन कुछ अड़चनों के साथ क्योंकि शुक्र पर वक्री शनि की दृष्टि रहेगी और मेष राशि से मंगल भी चौथी दृष्टि से शुक्र को देखेगा. आपकी बुद्धिमत्ता और ज्ञान की वृद्धि होगी. माता अथवा माता समान महिला से मतभेद हो सकते हैं क्योंकि चौथा भाव गोचर में पीड़ित रहेगा. 

इस समय पारीवारिक सदस्य आपके साथ खड़े रहेगें, भले आपके मतभेद ही क्यूँ ना रहे. इस समय आप घर में काफी हँसी-खुशी का माहौल महसूस कर सकते हैं. घर से जुड़े हर प्रकार के सुखों की आप अनुभूति कर सकते हैं. चेहरे पर खुशी की एक अलग ही चमक आप देख सकते हैं. आपका ध्यान हर प्रकार से भौतिक सुखों को पाने में लगा रहेगा. 

 

वृष राशि /Taurus Moon Sign

वृष राशि से शुक्र का गोचर तीसरे भाव में रहेगा जो कि शुभ ही माना जाता है. इस समय आपका झुकाव अपनी इच्छाओं की पूर्त्ति में हो सकता है. मित्रों के साथ भी आप काफी मस्ती भरा समय बिता सकते हैं. नए मित्र आपकी लिस्ट में आ सकते हैं और उनके साथ भी ज्यादा समय बिता सकते हैं. इस समय आप सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहेगें. वहीं आप नई-नई जगहों को एक्सप्लोर भी करेगें. इस समय आपका ध्यान खुद की पर्सनैलिटी को निखारने में भी हो सकता है. गाड़ी लेने का सोच रहे हैं तब ले सकते हैं लेकिन गाड़ी चलाते समय लापरवाही बरतना खतरनाक हो सकता है. इस समय आप नए-नए शौक भी पाल सकते हैं. नाच, गान तथा अन्य प्रकार की कलाओं में आपकी रुचि बढ़ सकती है. 

शुक्र का गोचर तीसरे भाव में होने पर आप वह सभी काम निपटाएँगे जिनकी आपने प्लानिंग की होगी. इस समय आप कोई पॉजिशन भी पा सकते हैं और आपके शत्रु इस समय चुप्पी साधे रह सकते हैं. इस समय स्थान परिवर्तन का योग बनेगा. आसपास के स्थान पर आप मूव कर सकते हैं अथवा किसी कारण से छोटी यात्राएँ करनी पड़ेगी.

 

मिथुन राशि /Gemini Moon Sign

मिथुन राशि के लिये शुक्र का गोचर दूसरे भाव में रहेगा. दूसरा भाव कुटुम्ब व धन के लिये देखा जाता है. शुक्र के गोचर से यहाँ दोनों ही बातों में वृद्धि होती है. इस समय परिवार ही आपकी प्राथमिकता रहेगी. धन में वृद्धि होगी. इस समय आपकी वाणी भी प्रभावशाली रहेगी और अपनी बात को पूरे वजन से कहेगें. तर्क शक्ति में वृद्धि होगी और आपके द्वारा दिए गये निर्णय सही दिशा में होगें. गलत बातें आप सहन नहीं करेगें जिसके लिये आपकी बहस भी रहेगी. यह बहस किसी गलत दिशा की ओर नहीं जानी चाहिए अन्यथा आपको हानि का सामना करना पड़ सकता है. 

स्वादिष्ट भोजन की ओर आपकी रुचि बढ़ जाएगी. नाना प्रकार के व्यजंनों का आप लुत्फ ले सकते हैं. घर को सुखी-समृद्ध बनाने के लिये सभी प्रकार के संसाधन जुटाएँगे. सरकार अथवा सरकारी उच्चाधिकारियों से लाभ होगा. धन की वृद्धि, जीवनसाथी से सुख की प्राप्ति तथा मान-सम्मान की वृद्धि होगी. इस समय दूसरे भाव में स्थित शुक्र पर मंगल तथा शनि की दृष्टि भी रहेगी, जिससे मादक द्रव्यों में रुचि बढ़ जाएगी. 

 

कर्क राशि /Cancer Moon Sign 

शुक्र स्वयं में भोग-विलासिता के कारक ग्रह हैं और चंद्रमा को भी भोग ही माना गया है. कर्क राशि में शुक्र के आने पर इनका प्रवेश चंद्र के साथ तथा चंद्र की राशि में हो रहा है, परिणामस्वरुप आपका ध्यान इस समय भोग-विलास की ओर ज्यादा बढ़ेगा. इस समय आप खुद पर ज्यादा ध्यान देगें. सुन्दर वस्त्र तथा आभूषणों में आपकी रुचि बढ़ेगी. खुद को संवारना अच्छा लगेगा और हर समय खुद पर ध्यान ज्यादा रहेगा. इस समय सेक्स में रुचि बढ़ेगी. जीवन के सभी सुख तथा भोगों को पाने की लालसा बढ़ेगी. इस समय आप जिद्दी तथा दुराचारी हो सकते हैं.  

आप उच्च कोटि के भोगों की इच्छा मन में पाल सकते हैं, भले ये इच्छाएँ पूरी हो या ना हों. इस समय आप कामुकता संबंधी विषय-भोगों में रुचि लेगें. इत्र अथवा खुश्बूदार चीजों का भोग बढ़ेगा. इस समय संतान सुख में भी वृद्धि के योग बनेगें. शनि तथा शुक्र की एक साथ दृष्टि पड़ने पर आप गलत ट्रैक पर भी जा सकते हैं. बुरे कामों में रुचि बढ़ेगी और भोगों की पूर्त्ति के लिए गलत लोगों की संगत में जा सकते हैं. 

 

सिंह राशि /Simha Moon Sign

सिंह राशि से शुक्र का गोचर बारहवें भाव में होगा तब इस समय आपके अंदर दान देने की इच्छा बली होगी और आप दान करेगें भी. ज्यादातर धन खर्च इस समय आपका भोग-विलास में भी होगा. शुक्र को बारहवें स्थान का कारक भी माना गया है क्योंकि यहाँ से शैय्या सुख देखा जाता है. जब शुक्र का गोचर यहाँ होगा तब शैय्या-सुख में भी बढ़ोतरी होगी. इस समय आप काम सुख की कामना ज्यादा से ज्यादा रखेगें. यहाँ काम इच्छा की पूर्ति आप जीवनसाथी से पूरा करने की बजाय अन्य संसाधनों का उपयोग करना चाहेगें.    

अपने आसपास के लोगों के प्रति आपके मन में प्रतिद्वंद्विता की भावना समा सकती है अर्थात आप उन्हें अपना हितैषी समझने की बजाय विरोधी ज्यादा समझेगें. वाहन लेने की इच्छा भी मन में आ सकती है. अपने खर्चों पर आप नियंत्रण नहीं कर पाएँगे इसलिए बहुत ज्यादा खर्चे बढे रहेगें. 

 

कन्या राशि /Virgo Moon Sign

आपकी कुंडली के ग्यारहवें भाव (एकादश भाव) से शुक्र का गोचर रहेगा. यह लाभ स्थान कहलाता है इसलिए इस भाव से शुक्र का गोचर अत्यधिक लाभ प्रदान करने वाला रहेगा. इस समय आपकी आय में वृद्धि होगी और प्रमोशन के योग बनेगे. आप जो भी प्रयास करेगें वह सफल होगें और मान-सम्मान की प्राप्ति होगी. आप अपनी सभी इच्छाओं की पूर्त्ति इस समय कर पाएँगे. खर्चों के बराबर आपकी आय के स्त्रोत कहीं ना कहीं से बन ही जाएँगे. इस समय आपकी कार्य कुशलता में भी निखार आएगा. कुछ ऎसे लाभ की प्राप्ति हो सकती हैं जिनके लिए आपने ज्यादा मेहनत नहीं की हो. 

मित्रों की ओर से भी आपको लाभ की प्राप्ति होगी और उनके साथ एक अच्छा मजेदार समय बिताने का अवसर मिलेगा. इस समय आप जीवनसाथी के सहयोग से अपनी सेक्स लाइफ का आनंद लेगें. घर-गृहस्थी को चलाने के लिए सभी प्रकार की चीजों की आवश्यकता की पूर्त्ति सरलता से होगी. कुल मिलाकर शुक्र का गोचर आपको हर प्रकार की सुविधाएँ, ऎश्वर्य, सुख, समृद्धि प्रदान करने वाला रहेगा. 

 

तुला राशि /Libra Moon Sign

तुला राशि के लिए शुक्र का गोचर दशम भाव में रहेगा. दशम भाव में शुक्र का गोचर बहुत अच्छा नहीं माना गया है क्योंकि यहाँ यह बुरे फल प्रदान करने वाले होता हैं. इस समय आप कई प्रकार की असुविधाओं से गुजर सकते हैं. इस समय आप मानसिक परेशानियों से गुजर सकते हैं और मुश्किल हालातों का सामना भी कर सकते हैं. कामकाज में कई प्रकार की रुकावटों का सामना भी करना पड़ सकता है. मस्तिष्क में बुरे विचार आएँगे और बेईमानी भी मन में आ सकती है. इस समय कैरियर में आपके प्रयास बढ़ेगें और जितना परिश्रम आप करेगें उस से कम लाभ मिलेगा. कार्यक्षेत्र पर कार्यों में रुकावट आएगी जिससे आपका मन अत्यधिक चिड़चिड़ा रहेगा. 

रुपये-पैसे से संबंधित परेशानियाँ भी मुँह बाए खड़ी हो सकती है. परेशानी के हालात में आप छोटी-छोटी बातों पर सभी से झगड़ते नजर आएँगे. खुद की इज्जत अपने आप से गँवाने पर तुले होगें जिससे आप तिरस्कृत महसूस करेगें. कुछ स्कैण्डल्स में आपका नाम उछाला जा सकता है क्योंकि दशम भाव में शुक्र की स्थिति अच्छी नहीं होती है. यहाँ गोचर के मंगल व शनि की दृष्टि भी दशम भाव पर आने से ऎसा कुछ हो सकता है, जिससे आपको अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है. सोसायटी में भी आपके बारे में बुरी बातें फैल सकती है़, दूसरे लोग आपको इस समय बुरे कामों की ओर ही धकेलने का प्रयास करेगें. 

शुक्र का यह गोचर लगभग एक महीने तक कर्क राशि मे रहेगा तब तक आपको सतर्कता बरतने की आवश्यकता है. कोई भी ऎसा काम नही करें जिससे आप पर छींटाकशीं हो जाए. 

 

वृश्चिक राशि /Scorpio Moon Sign

शुक्र का गोचर यहाँ नवम भाव में रहेगा और नवम भाव एक मजबूत त्रिकोण भाव है जिसे हम लक्ष्मी स्थान के नाम से भी जानते हैं. इस भाव को धर्म त्रिकोण के नाम से भी जाना जाता है और गुरूजन, वरिष्ठ व्यक्ति तथा पिता का विचार भी यही से होता है. इस समय शुक्र का गोचर इस भाव से होने पर धर्म में रुचि बढ़ सकती है, लक्ष्मी प्राप्ति के स्त्रोत बढ़ेगें और साथ ही वरिष्ठ व्यक्तियों के प्रति आदर की भावना का विकास भी होगा. इस समय आपको हर प्रकार की सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होगी जिनसे आप लाभान्वित होगें. मनोरंजन के साधन तथा आपके रहन-सहन का भी विकास होगा. अगर किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होगी तब उससे छुटकारा मिलेगा. लक्ष्मी प्राप्ति में किसी तरह की कोई रुकावट नहीं आएगी. इस समय आप गरीबों को खाना बाटेगें और अन्य प्रकार से भी सहायता करेगें. 

इस समय आपकी मित्रता उच्च कोटि के वरिष्ठ धनी लोगों से होगी. इस वजह से भी आपकी उन्नति के रास्ते खुलेगें. इस समय आपका ध्यान आध्यात्मिकता में अधिक रमेगा. ईश्वरीय़ कृपा पर आपका विश्वास गहरा होगा. वैसे तो इस भाव में गोचर के शुक्र पर गोचर के ही शनि व मंगल की दृष्टि भी रहेगी जो सकारात्मक फलों में कमी कर सकते हैं लेकिन यहाँ शनि अपनी स्वराशि से दृष्टि डालेगें और मंगल वृश्चिक राशि के स्वामी होने से ज्यादा खराब नहीं करेगें. अविवाहित व्यक्तियों के विवाह की बात चलेगी और कई लोगों का विवाह संपन्न भी हो जाएगा. इस समय आप यात्राएँ भी कर सकते हैं, भले वह धार्मिक यात्राएँ ही क्यूँ ना हो. इस समय आप हर प्रकार से जिन्दगी का सुख भोगेगें. 

 

धनु राशि /Sagittarius Moon Sign 

धनु राशि के लिए शुक्र का गोचर आठवें भाव में रहेगा. यहाँ गोचर का शुक्र शुभ फल प्रदान करता है. हर प्रकार की सुख-सुविधाएँ प्राप्त होगी और दु:खों का नाश होगा. आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. शारीरिक दुर्बलता से निजात मिलेगी और आप फिर से पहले वाली ऊर्जा हासिल करेगें. जीवन के प्रति आपका दृष्टिकोण बदलेगा और एक नई आशा की किरण आपके मन में जाग्रत होगी. इस समय आपके काम सरलता से बनना आरंभ होगें. जिससे आपके अंदर नई उम्मीदों का संचार होगा और पूर्ण विश्वास के साथ जीवन को जीने के नजरिए में बदलाव आएगा. आप अविवाहित हैं तब आपका विवाह होगा और रोजमर्रा की बातों में भी आपका जीवनसाथी आपके साथ खड़ा रहेगा. किसी भी प्रकार से रुपये-पैसों का अभाव नहीं रहेगा. 

आपकी इच्छाओं के अनुसार आपके काम बनते रहने के योग बनेगें. आपके रिश्तेदार भी इस समय आपके साथ खड़े रहेगें. मित्र सूचि में नए मित्रों का नाम जुड़ेगा जिनका आपके प्रति गहरा लगाव रहेगा. इस समय आपके विवाहेतर संबंध भी बन सकते हैं जो दूसरों से छिपे रहेगें. दु:ख-दर्द का एक तरह से अंत इस समय कहा जा सकता है. समाज में आपका मान-सम्मान भी बढ़ेगा. इस समय एक बात आपकी इच्छा के विरुद्ध हो सकती है कि आपकी माता का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है और यह उनके लिये खराब समय सिद्ध हो सकता है. 

 

मकर राशि /Capricorn Moon Sign 

मकर राशि के लिए शनि का गोचर सातवें भाव से रहेगा. सातवें भाव में शुक्र का गोचर शुभ फल प्रदान नहीं करता है. व्यक्ति बहुत थका-थका सा और आलसी हो जाता है. मन-मस्तिष्क बेकाबू घोड़े की तरह हो जाते हैं जो बेकार की सोच पैदा करते हैं. इस भाव में शुक्र के गोचर से व्यक्ति को नदी, तालाब आदि पर नहीं जाना चाहिए. वैसे भी कर्क राशि में शुक्र के गोचर पर गोचर के ही शनि व मंगल की भी दृष्टि बनी रहेगी तब ज्यादा सावधानी की जरुरत है. शादीशुदा होते हुए भी दूसरी शादी का ख्याल मन में आएगा और आप कर भी सकते हैं. मन में सेक्स के प्रति अत्यधिक आकर्षण रहेगा जिसका बुरा प्रभाव आपकी सेहत पर देखा जा सकता है. इस समय आप मित्रों व रिश्तेदारों के प्रति दुर्व्यवहार की भावना रख सकते हैं. परिवार में विचारों का टकराव आपका चलता रहेगा. जीवनसाथी के प्रति भी आपकी गलतफहमियाँ उभरती रहेगी. विदेश जाने का अवसर तो मिलेगा लेकिन वहाँ किसी गलत व्यक्ति अथवा महिला के संपर्क में आने की वजह से स्कैण्डल्स में फंसने के योग बनेगें. इसलिए आपको सावधान रहना चाहिए.

अगर आप पार्टनरशिप में काम करते हैं तब आपस में मतभेद बहुत ज्यादा उभरेगें. साथ ही किसी चालाक व धूर्त महिला के संपर्क में आने से भी आपके काम पर बुरा प्रभाव पड़ेगा. गुप्त रोगों से पीड़ित होने की भी संभावना इस समय बनती है या मूत्र संबंधी कोई इंफेक्शन भी हो सकता है. अगर आप डायबिटिज के शिकार है तब अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दीजिए. बुरी संगत का शिकार होने से आपको मानसिक तनाव बना रहेगा. जन्म राशि से सातवें भाव में शुक्र गोचर कभी शुभ नहीं माना जाता है लेकिन इस भाव में शुक्र का गोचर कोर्ट कचहरी के लिए अच्छा माना गया है. 

 

कुंभ राशि /Aquarius Moon Sign 

कुंभ राशि से शुक्र का गोचर छठे भाव में होगा और यहाँ शुक्र का गोचर बिलकुल भी अच्छा नहीं माना जाता है. जीवनसाथी के साथ हर छोटी बात पर झगड़ा होगा और इस समय सेक्स की इच्छा भी ज्यादा बढ़ेगी लेकिन जीवनसाथी से भरपूर साथ नहीं मिलने के कारण आप असंतुष्ट रहेगें. असंतुष्टि के कारण मस्तिष्क भी बेचैन रहेगा जिससे हर छोटी बात पर आपका झगड़ा होता रहेगा. सेक्स प्रक्रिया ज्यादा बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ घेर सकती हैं जिसमें सेक्स संबंधित बीमारी होने की संभावना अधिक रहेगी. दशा/अन्तर्दशा भी अगर इस समय बुरे भावों की है तब वाहन से दुर्घटना होने के योग बन सकते हैं इसलिये वाहन चलाने में आपको इस समय जरा भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए. इन दिनों आप खाने-पीने के बहुत ज्यादा शौकीन हो जाएँगे और भूख आपकी मिटने का नाम ही नहीं लेगी. इन दिनों पिता की तरफ के लोग आपके विरुद्ध हो सकते है और परेशानी का कारण बन सकते हैं.   

मस्तिष्क में सदा अस्थिरता बनी रहेगी जिसकी वजह से मानसिक संताप छाया रहेगा जो चिंताओं का कारण बनेगा. बिना बात की भाग-दौड़ रहेगी जिनका कोई अर्थ नहीं होगा और ना ही किसी तरह का कोई लाभ ही होगा. जीवनसाथी तक आपको शत्रु की तरह नजर आने लगेगा. अकारण भय मन में समाया रहेगा जिसे लेकर सदा असुरक्षा की भावना से आप पीड़ित रह सकते हैं. मानसिक परेशानियों से राहत पाने के लिये आप बुरी संगतों का शिकार होगें जहाँ केवल पैसों का ही नुकसान होगा. इस समय मान-सम्मान तथा सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी आँच आने के योग बन सकते हैं, जिस पर आपको ध्यान देना चाहिए. 

 

मीन राशि /Pisces Moon Sign 

मीन राशि से शुक्र का गोचर पांचवें भाव में रहेगा जो कि अच्छे फल प्रदान करने वाला माना जाता है. संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वालों के लिए यह समय सकारात्मक फल देने वाला होगा. आपका दिमाग इस समय अधिक से अधिक लाभ कमाने में लगा होगा. उच्च स्तरीय लोगों से संबंध मजबूत होगें जिससे आपको मान-सम्मान की प्राप्ति होगी. पांचवें भाव में गोचर से आपकी बुद्धिमता में वृद्धि होगी जिससे ज्ञान का विस्तार होगा. यदि आप राजनीति में सक्रिय रहते हैं तब इस समय आपको मंत्री पद की प्राप्ति होने की संभावना बनेगी. जीवनसाथी से इस समय हर प्रकार का सहयोग मिलेगा जिसकी आपने कभी कल्पना भी नहीं की होगी. आप भी बच्चों तथा जीवनसाथी का पूरा ख्याल रखेगें. यदि प्रेम संबंध अभी तक स्थापित नहीं हुए हैं तब उनके स्थापित होने के योग भी इस समय बनेगें. समझदार प्रेमी मिलने के योग मजबूती से बनेगे. पहले से जिनके संबंध चले आ रहे होगें उनके संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी. 

घर-परिवार के वरिष्ठ लोगों से आप समय-समय पर सलाह-मशविरा करते रहेगें और उनका पूरा सहयोग आपको प्राप्त होगा. इसके साथ अपने गुरुओं का आशीर्वाद भी आपके ऊपर बना रहेगा. उनके शुभाशीष से आप जीवन में आगे बढेगें. इस समय आप खुद को कभी अकेला महसूस नहीं करेगें क्योंकि किसी ना किसी का साथ आपको हर समय मिलता रहेगा. इस समय आपके शत्रुओं की हार रहेगी कोई आप पर हावी नहीं हो पाएगा. नौकर-चाकरों तथा सुख-समृद्धि से इस समय आप संपन्न रहेगें. इस समय आपको यश की प्राप्ति होगी जिससे आपका नाम चमक उठेगा.  

विशेष/Note – किसी भी ग्रह का गोचर हो, उसके सकारात्मक या नकारात्मक फल तभी मिलेगें जब दशा/अन्तर्दशा भी उस समय उसका साथ दे रही हो वरना गोचर आता-जाता रहेगा. गोचर एक डिलीवरी ब्वॉय की तरह होता है जिसे दशा/अन्तर्दशा रूपी ग्रह का सही पता मिलने पर वह डिलीवरी कर देगा अन्यथा नहीं करेगा. इसलिये गोचर का ग्रह स्वतंत्र रूप से काम नहीं करता है. उसके साथ दशा का होना अति आवश्यक है.