मां ज्वाला की आरती

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जै ज्वाला रानी मैया जै ज्वाला रानी ।

प्रगटी पर्वत ऊपर कलयुग कल्याणी ।।

सती की जिह्वा में गिर अद्भुत तेज दिया ।।

नौ ज्योतें फिर प्रगटी शुभ स्थान लिया ।।

काली लक्ष्मी सरस्वती ज्वाला ज्योति बड़ी ।।

हिंगलाज अन्नपूर्णा चंडी बीच खड़ी ।।

बिन दीपक बिन बाती पर्वत ज्योत जले ।।

जो पूजे साधक बन संकट आप टले ।।

चंद्रहास राजा ने शुभ निर्माण किया ।।

गोरखनाथ गुरु को आदर मान दिया ।।

ज्योते सारी बुझाने अकबर आया था ।।

क्षमा माँगकर तुमसे छत्र चढ़ाया था ।।

शैया भवन है सुंदर मन को अति भावे ।।

बार-बार दर्शन को हे मां मन चाहवे ।।

पान-सुपारी पेड़ा दूध चढ़े ज्वाला ।।

शक्ति पीठ को पूजे हाथ लिए माला ।।

करें जागरण सेवक प्रेम लिए मन में ।।

ऎसा “ओम” आकर्षण तेरे दर्शन में ।।

 

मां ज्वाला देवी की चालीसा के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें :-

https://chanderprabha.com/2019/06/10/mata-jwala-devi-chalisa/

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