व्यापार में लाभ के लिए गणेश उपाय

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जब भी कोई व्यापारी अपना व्यापार आरंभ करता है और बहीखाता शुरु करता है तब सबसे पहले गणेश बनाता है और “ऊँ गणेशाय नम:” लिखता है. व्यवसायियो पर गणेश जी ज्यादा कृपा करते हैं. इसका कारण यह भी हो सकता है कि व्यापार में कुछ ना कुछ समस्या आती रहती हैं और व्यवसाय में कभी लाभ तो कभी हानि चलती रहती है. गणेश जी को विघ्नहर्ता कहा गया है इसलिए व्यापारी वर्ग गणेश जी की पूजा अधिक करते हैं. यदि कभी व्यापार में रुकावट आ रही हो और आय कम हो रही हो तब उसके लिए इस लेख में एक उपाय बताया जा रहा है जिसे पूर्ण श्रद्धा से करने पर ही व्यापार में उन्नति हो सकती है.

जो उपाय बताया जा रहा है उसे शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से आरंभ करना चाहिए और यदि उस दिन आरंभ नहीं कर पाते हैं तब शुक्ल पक्ष के पहले बुधवार से इस उपाय को करना चाहिए. उपाय में व्यक्ति को “ऊँ गणेशाय नम:” मंत्र को एक सफेद सादे कागज पर 11 बार लाल स्याही से लिखना है. इस मंत्र को रोज एक नए सादे कागज पर 11 बार लाल स्याही से लिखना है और साथ ही एक रुपये का सिक्का भी साथ में रखना है. कागज व रुपये को आप रोज पूजा स्थान पर रखते जाएँ. जब लिखते-लिखते एक महीना हो जाए तब मंत्र लिखे कागजों की एक माला बनाए, कागज को केवल दो बार मोड़कर माला बनाएँ और माला को लाल धागे में पिरो दें लेकिन सुई से माला ना पिरोए. लकड़ी की एक तिल्ली से कागज में छेद कर के उसमें से लाल धागे को निकालते जाएँ.

जब माला बन जाए तब इसे गणेश मंदिर में अर्पित कर दें. जितने पैसे जमा हुए हैं उनसे लड्डू खरीद लें और गणेश जी को भोग लगाएँ. बाकी बचे प्रसाद को वहीं मंदिर में खड़े लोगों में बाँट दें. ये उपाय करने के बाद व्यापार में समस्याएँ नहीं आएंगी और अगर आती भी हैं तो कुछ ही समय में शीघ्र समाधान भी हो जाएगा. व्यवसाय में उन्नति होगी व सफलता मिलेगी. यदि व्यापार के लिए कर्ज लिया हुआ है तब शीघ्र ही वह उतर जाएगा. कहने को तो यह साधारण सा उपाय है लेकिन इसका लाभ बहुत बड़ा है. यह उपाय करने के बावजूद भी आपको हर बुधवार या शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को गणेश जी के मंदिर जरुर जाना चाहिए.

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