रोहिणी नक्षत्र

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रोहिणी नक्षत्र वृष राशि में 10 अंश से 23 अंश 20 कला तक रहता है. इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह चन्द्रमा है. रोहिणी नक्षत्र में वे सभी कार्य आते हैं जिनमें खाद्य पदार्थों को उगाकर, उन्हें विकसित तथा संशोधित करके जातक अपनी आजीविका चलाता है. पेड़ – पौधों से संबंधित वैज्ञानिक व शोधकर्ता आदि, वनस्पतियों व वन औषधियों से आजीविका चलाने वाले व्यक्ति इस नक्षत्र में आते हैं.

रोहिणी नक्षत्र वृष राशि में आता है इसलिए रोहिणी नक्षत्र वाले जातक संगीत, कलाकार या लोगों का मनोरंजन कर धन व यश पाते हैं. सौन्दर्य व फैशन, हर प्रकार की रुप सज्जा चाहे वो मंच को सजाने का काम ही क्यो ना हो! आधुनिक समय में इन्टीरियर डेकोरेटर का कार्य भी  इस नक्षत्र में आता हैं. यौन रोग चिकित्सक भी इस नक्षत्र के अंदर आते हैं.

बहुमूल्य आभूषण, वस्त्र, पर्यटन व परिवहन और कार उद्योग का व्यवसाय आदि इस नक्षत्र में आते हैं. बैंक, वित्तीय संस्थाएं, पैट्रोल व तेल से संबंधित कार्य या पैट्रोल उत्पाद, जल परिवहन सेवा से जुडे़ व्यवसाय आदि इस नक्षत्र में आते हैं.

आधुनिक समय में सभी प्रकार के फास्ट फूड तथा डिब्बों में बन्द खाद्य पदार्थों का व्यवसाय, सभी प्रकार के पेय पदार्थों का व्यवसाय जैसे शीतल पेय या मिनरल वाटर या जल वितरण या प्रबन्धन से आजीविका चलाने वाले जातक सभी इस नक्षत्र के अन्तर्गत आते हैं.

रोहिणी नक्षत्र भचक्र का चौथा नक्षत्र है. यह नक्षत्र शुक्र की वृष राशि में आता है और रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह चन्द्रमा है. शुक्र व चन्द्र चतुर्थ भाव के कारक भी हैं. इसलिए इस नक्षत्र का जातक चतुर्थ भाव, चन्द्र और शुक्र से संबंधित सभी कार्यों से आजीविका प्राप्त कर सकता है.

सभी प्रकार के दुकानदार, व्यवसायी व व्यापारी, योग कराने वाले, ड्राइवर, पायलट, यात्राओं को संयोजित कराने वाले जातक अर्थात ट्रैवल एजेन्सी, जहाज के कप्तान, पत्थरों की खान का काम करने वाले, कृषि कार्य  करने वाले जातकों का कृषि व्यवसाय भी रोहिणी नक्षत्र के अन्तर्गत आता है.    

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