मंगल ग्रह

मंगल

मंगल ग्रह युवा है, गठा हुआ शरीर है, क्षत्रिय जाति है. मंगल को सेनापति का दर्जा मिला हुआ है. एक सैनिक के सभी गुण इसमें मौजूद हैं. यह् पराक्रमी तथा साहस से भरा हुआ है. यह ग्रह भूमि का कारक भी है. अग्नि, चोर, रोग इन का भय रहता है. यह छोटे भाई-बहन का मुख्य कारक है. इसकी पित्त प्रकृ्ति है तथा इसका अधिकार क्षेत्र मज्जा है. यह पुरुष प्रधान ग्रह है, इसका मध्यम कद, छोटे, चमकीले व घुँघराले बाल हैं. इस ग्रह की उत्तेजक प्रवृ्ति है. स्वभाव से यह क्रोधी किस्म का है इसलिए आक्रामक है. चोट पहुंचाने की तीव्र प्रवृ्ति है. रौबीला व्यक्तित्व, दूसरों को आदेश देने में कुशल है. यह तामसिक ग्रह है और इस ग्रह की क्षत्रिय जाति है.

मंगल का रंग गोरा है परन्तु थोडा़ लालीपन लिये हुए है. इसकी मानसिकता परिवर्तनशील है, दयालु है, आँखें लाल हैं तथा आवाज दमदार व रौबीली है. वस्त्र हल्के रंग के हैं. मंगल दाम्पत्य जीवन के सुख में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. वर्तमान समय में वर्दीधारी व्यक्ति, प्रशासनिक व्यक्ति, उच्च पदों पर आसीन व्यक्ति, शासकीय व भू – सम्पति का कार्य करने वाले व्यक्ति आदि का प्रतीक ग्रह मंगल ग्रह है. मंगल ग्रह मकर राशि में उच्च के होते हैं और 28 अंश पर यह परमोच्च होते हैं, ठीक 180 अंश की दूरी पर यह कर्क में नीच के हो जाते हैं और 28 अंश पर परम नीच के होते हैं.

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