राशि

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वैदिक ज्योतिष में बहुत सी बातों की जानकारी उपलब्ध है जिनके आधार पर कुंडली का निर्माण किया जाता है. इन सभी बातों में सबसे मुख्य राशि, भाव, ग्रह तथा नक्षत्र हैं. इन चारों के बिना ज्योतिष की कल्पना भी नहीं की जा सकती है. इस लेख में हम केवल राशियों की चर्चा करेगें. राशियों की संख्या 12 है. इन राशियों के नाम हैं – मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन.

राशिचक्र क्या हैं | What is the Zodiac
आकाश मंडल में एक कल्पित पट्टी को भचक्र या राशिचक्र माना गया है. यह कल्पित पट्टी दोनों ओर से लगभग 9-9 अंश चौड़ी होती है. इसी में सभी राशियाँ तथा ज्योतिष से जुड़े बाकी तथ्य आते हैं. इस पट्टी या राशिचक्र कुलमान 360 अंश का होता है. राशिचक्र में कुल बारह राशियाँ होती हैं और 360 अंश को बारह भागों में बांटा गया है. इन बारह राशियों के स्वामी ग्रह अलग – अलग होते हैं.

प्रत्येक राशि का मान तीस अंश होता है लेकिन आकाश में कोई राशि दो घंटे तक रहती है तो कोई दो से ज्यादा तो कोई राशि दो घंटे से कम भी रहती है. राशिचक्र की सबसे पहली राशि मेष होती है और अंतिम राशि मीन होती है. भारतीय पद्धति में आकाश में स्थित चित्रा तारे के ठीक विपरीत अर्थात चित्रा तारे को केंद्र बिंदु मानकर उससे 180 अंश की दूरी से मेष राशि का प्रारंभ बिंदु माना गया है. भारतीय ज्योतिष निरायन पद्धति पर आधारित है.

राशियों का आकार | Appearance of the Signs
आकाश में तारों के कई समूह हैं, जो एक विशेष आकृति बनाते हैं और इन्ही आकृतियों पर राशियों का नाम रखा गया है. जैसे मेष राशि की आकृति मेढ़े के समान होती है. वृष राशि की आकृति वृष अर्थात बैल के समान मानी गई है. मिथुन राशि एक युवक और एक नवयुवती का जोड़ा है जिनके हाथ में वाद्ययंत्र हैं. कर्क राशि केकड़े की आकृति के समान है. सिंह राशि शेर के जैसे आकार की है.

कन्या राशि नाव में बैठी एक युवती है जिसके एक हाथ में रोशनी है तो दूसरे हाथ में गेहूँ की बालियाँ हैं. तुला राशि का आकार तराजू के समान है. वृश्चिक राशि बिच्छू के आकार की है. नीचे का हिस्सा आधा घोड़ा और ऊपर का हिस्सा आधा मनुष्य और मनुष्य के हाथ में धनुष – बाण है, यह राशि धनु राशि है. मकर राशि मगर के आकार की है. कुंभ राशि में एक मनुष्य सफेद तथा गीले कपड़ो में है जिसके एक कंधे पर घड़ा है. मीन राशि में दो मछलियों के आकार की है और मछलियों का परस्पर मुँह एक-दूसरे की पूँछ की ओर है.

राशियों की विशेषता | Characteristics of the Signs
राशिचक्र की प्रत्येक राशि की अपनी एक विशेषता होती है. कर्क तथा सिंह राशि को छोड़कर बाकी सभी राशियों के स्वामी दो ग्रह होते हैं. जिस राशि की जो विशेषता होती है उसी के अनुसार व्यक्ति का स्वभाव भी होता है. राशि में मौजूद सभी गुण – धर्म व्यक्ति के भीतर भी समाते हैं.

यदि लग्न या चंद्र राशि अग्नि तत्व है तब व्यक्ति के भीतर भी तेजी हो सकती है. यदि लग्न या चंद्र राशि भूमि तत्व है तब व्यक्ति के अंदर सहनशक्ति अत्यधिक होती है. यदि लग्न या चंद्र राशि वायु तत्व है तब व्यक्ति हवा में बातें करने वाला तथा सदा सोच-विचार में रहने वाला होता है. यदि लग्न या चंद्र राशि जलतत्व है तब व्यक्ति का स्वभाव कोमल हो सकता है और माहौल के अनुसार स्वयं को ढ़ाल सकता है.

मेष, सिंह और धनु राशि अग्नि तत्व राशि है. वृष, कन्या और मकर राशि पृथ्वी तत्व राशि है. मिथुन, तुला और कुंभ राशि वायु तत्व राशि है. कर्क, वृश्चिक और मीन राशि जल तत्व राशि है.

Chander Prabha

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