महाभागवत – देवी पुराण – सतासठवां अध्याय 

भगीरथ बोले – पार्वतीनाथ, देवदेव,परात्पर,अच्युत, अनघ, पञ्चास्य, भीमास्य, रुचिरानन, ओंकारस्वरूप आपको नमस्कार है। व्याघ्राजिनधर, अनन्त, पारावारविवर्जित, पञ्चानन, महासत्त्व, महाज्ञानमय, प्रभु

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