महाभागवत – देवी पुराण – छप्पनवाँ अध्याय 

श्रीमहादेव जी बोले – मुनिश्रेष्ठ ! बहुत काल तक भ्रमण करने के बाद वे महात्मा पांडव प्रत्यक्ष फल देनेवाली भगवती

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