महाभागवत – देवी पुराण – तैंतालीसवाँ अध्याय 

श्रीमहादेवजी बोले – महामुने ! ब्रह्माजी के मुख से इस प्रकार की बात सुनकर प्रसन्नात्मा विमल बुद्धिवाले रघुश्रेष्ठ श्रीराम ने

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