कार्तिक माह माहात्म्य – अठारहवां अध्याय

लिखता हूँ मॉ पुराण की, सीधी सच्ची बात । अठारहवां अध्याय कार्तिक, मुक्ति का वरदात।। अब रौद्र रूप महाप्रभु शंकर

पढ़ना जारी रखें