श्रेणी: Remedy
भवानी स्तुति
दुसह दोष-दुख, दलनि, करु देवि दाया । विश्व-मूला-Sसि, जन-सानुकूलाSसि, कर शूलधारिणि महामूलमाया ।।1।। तडित गर्भांड्ग सर्वांड्ग सुन्दर लसत, दिव्य
दशमहाविद्या – भुवनेश्वरी
देवी भागवत में वर्णित मणिद्वीप की अधिष्ठात्री देवी हृल्लेखा “ह्रीं” मन्त्र की स्वरूपा शक्ति और सृष्टि क्रम में महालक्ष्मी स्वरूपा
गरुड़ पुराण – तीसरा अध्याय
गरुड़ उवाच गरुड़ जी ने कहा – हे केशव ! यम मार्ग की यात्रा पूरी कर के यम के भवन
दस महाविद्या – षोडशी
षोडशी माहेश्वरी शक्ति की सबसे मनोहर श्रीविग्रहवाली सिद्ध देवी हैं. महाविद्याओं में इनका चौथा स्थान है। सोलह अक्षरों के मन्त्रवाली
गरुड़ पुराण – दूसरा अध्याय
गरुड़ उवाच – Garuda Uvach गरुड़ जी ने कहा – हे केशव ! यमलोक का मार्ग किस प्रकार दु:खदायी होता