कृत्तिका नक्षत्र का उपचार
जन्म कुंडली में अगर जन्म नक्षत्र पीड़ित हो तो कार्तिकेय की पूजा करनी चाहिए या हनुमान जी की उपासना करनी
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जन्म कुंडली में अगर जन्म नक्षत्र पीड़ित हो तो कार्तिकेय की पूजा करनी चाहिए या हनुमान जी की उपासना करनी
यदि किसी जातक का भरणी जन्म नक्षत्र है और उसे परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तब ऎसे में
जन्म कुंडली में कई बार जन्म नक्षत्र पाप प्रभाव में होता है अथवा गोचर में भी पाप अथवा अशुभ प्रभाव
अगस्त्य उवाच अश्वानन महाबुद्धे सर्वशास्त्रविशारद । कथितं ललितादेव्या: चरितं परमाद्भुतम् ।।1।। पूर्वं प्रादुर्भवो मातु: तत: पट्टाभिषेचनम् । भण्डासुरवधश्चैव विस्तरेण त्वयोदित:
हर नक्षत्र के अधीन एक वृक्ष अथवा पेड़ जरुर आता है. कोई भी जातक अपने नक्षत्र के अनुसार वृक्ष लगा
अस्य श्रीललितात्रिशतीस्तोत्रमालामन्त्रस्य हयग्रीवऋषये नम: । (शिरसि) अनुष्टुपछन्द से नम: । (मुखे), श्रीललिताम्बादेवतायै नम: । हृदये, क. 5 बीजाय नम: ।