प्रदोष व्रत 2025
प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए रखे जाते हैं. सभी प्रदोष व्रत कल्याणकारी कहे गए हैं लेकिन
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प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए रखे जाते हैं. सभी प्रदोष व्रत कल्याणकारी कहे गए हैं लेकिन
कभी – कभी सत्यानारायण व्रत का उदयकालिक तिथि से एक दिन का अन्तर पड़ जाता है जैसे कि सूर्योदय के
दिनाँक दिन नवरात्र 3 अक्तूबर बृहस्पतिवार घटस्थापन,प्रतिपदा,पहला नवरात्र 4 अक्तूबर शुक्रवार द्वितीया तिथि, दूसरा नवरात्र 5 अक्तूबर शनिवार तृतीया तिथि,
आषाढ़ माह की पूर्णिमा के अगले दिन से ही सावन का महीना शुरू हो जाता है जो सावन माह की
अथ ध्यानम कस्तूरीतिलकं ललाटपटले वक्ष:स्थले कौस्तुभं नासाग्रे वरमौत्तिकं करतले वेणुं करे कंकणम । सर्वाड़्गे हरिचन्दनं सुललितं कण्ठे च मुक्तावलि
तिथियाँ (Dates) दिन (Days) मास (Hindu Month) 3 अप्रैल रविवार श्रीमत्स्य जयन्ती 10 अप्रैल रविवार श्रीराम जयन्ती (श्रीराम नवमी) 3