रविवार(Sunday) व्रत कथा
एक बुढ़िया थी जो नियम से हर रविवार को सवेरे उठकर स्नान आदि से निवृत होकर पड़ोसन के घर से
Astrology, Mantra and Dharma
एक बुढ़िया थी जो नियम से हर रविवार को सवेरे उठकर स्नान आदि से निवृत होकर पड़ोसन के घर से
राम आये लक्ष्मण आये देश के पुजारी आये नितनेम का नेम लाये आओ राम बैठो राम माखन मिसरी खाओ राम,
किसी गाँव में एक बुढ़िया रहती थी, वह बहुत नियम धर्म से व्रत रखा करती थी. एक दिन भगवान के
किसी गाँव में एक भाट व एक जाट रहता था, दोनों में घनिष्ठ मित्रता थी. एक बार जाट अपनी बहन
किसी गाँव में एक बुढ़िया रहती थी और उसका एक बेटा व बहू भी साथ रहते थे. कार्तिक का महीना
किसी गाँव में एक बुढ़िया रहती थी, उसकी एक पुत्रवधु भी थी. कार्तिक का महीना आता तो बुढ़िया बारह कोस