
ह्रदय रेखा (Heart Line) से प्यार मोहब्बत सिर्फ प्रेम संबंधों के लिए ही नहीं देखा जाता है बल्कि जो लोग पशु प्रेम रखते हैं उनका भी आंकलन यहाँ से किया जाता है, तब ह्रदय रेखा के साथ में हाथ के दूसरे पहलुओं को भी देखा जाएगा। ह्रदय रेखा अगर अत्यधिक लम्बी है तब यह दिल संबंधी मामलों में समस्याएँ देने वाली रहेगी। प्रेम संबंधों में सुकून (Satisfaction) नहीं होगा।
कुछ हस्त विशेषज्ञों (Palmist) का मत (Opinion) है कि शुक्र पर्वत (Mount Of Venus) से कोई शाखा (Branch)निकलकर आयु रेखा (Life Line) को पार करती हुई बुध पर्वत (Mount Of Mercury) तक जाती है तब ऐसा व्यक्ति फूलों के प्रति संवेदनशील (Sentimental) होता है अर्थात फूलों से प्यार करने वाला होता है और ये रेखाएं किसी भी स्थिति में हो इन्हें स्नेह रेखाएं (Affection LIne) तो कहते ही हैं।
शुक्र पर्वत से कोई शाखा निकलकर (यह शाखा स्नेह रेखा भी कहलाती है) हथेली में आयु रेखा और मस्तिष्क रेखा (Head Or Brain LIne) को पार करती हुई बुध पर्वत के नीचे तक जाए और रेखा के अंत में एक त्रिकोण/त्रिभुज (Triangle) बनाए तब इसका अर्थ है कि जो भी लव-रिलेशन शुरू हुआ है उसका अंत सुखद ही होगा। इसका अर्थ है कि लम्बे समय तक दोनों साथ रहेंगे अथवा प्रेम संबंध विवाह तक जायेंगे।
यदि शुक्र पर्वत से कोई स्नेह रेखा निकलकर ह्रदय रेखा तक आकर रुक जाती है तब इसका अर्थ है कि व्यक्ति पहले से ही किसी के साथ में विवाह बंधन में बंधा हुआ है अर्थात वह अभी स्वतंत्र नहीं है। किसी भी व्यक्ति के हाथ में शुक्र पर्वत से स्नेह रेखा निकलकर यदि मस्तिष्क रेखा के नीचे आकर रुक जाती हैं या मस्तिष्क रेखा की तरफ मुड़ जाती है तब इसका अर्थ है कि इस व्यक्ति के प्रेम में किसी तरह से कोई बाधा (Hurdles) आ सकती है अर्थात व्यक्ति का प्रेम किसी भी कारण से एक समय विशेष पर रुक जाएगा। अगर व्यक्ति प्रेमी से विवाह करना चाहता है तो किसी भी वजह से यह विवाह नहीं हो पाएगा। कुछ हस्त विशेषज्ञ इसका कारण परिवार को मानते हैं तो कुछ का मानना है कि ऐसी रेखा का अंत अंतर्जातीय विवाह (Inter Caste Marriage) में देखा जाता है। यदि यह रेखा मस्तिष्क रेखा पर ना रुककर आगे बढ़ जाती है तब प्रेम संबंध प्रेम विवाह में बदल जाएंगे।
शुक्र पर्वत से कोई स्नेह रेखा गुरु पर्वत (Mount Of Jupiter) की तरफ जाती है तब व्यक्ति का जीवनसाथी धनी, सफल और बुद्धिमान रहता है और वैवाहिक जीवन भी सुखमय रहता है। गुरु पर्वत महत्वाकांक्षाओं (Ambitions) को भी बताता है। तब ऐसी स्नेह रेखा यह इशारा भी करती हैं कि व्यक्ति जीवनसाथी को लेकर अत्यधिक महत्वाकांक्षी है अर्थात अपने जीवनसाथी से बहुत ज्यादा उम्मीदें बाँध लेना अथवा बहुत अच्छी शादी चलने की इच्छा मन में पाल लेना आदि कुछ भी इस तरह की इच्छाएं हो सकती हैं।
हथेली (Palm) में शुक्र पर्वत से कोई स्नेह रेखा निकलकर बुध पर्वत तक जाकर वापिस एकदम से चंद्र पर्वत (Mount Of Luna Or Moon) की तरफ यदि झुक जाती है तब ऐसा व्यक्ति अपने प्रेमी से किसी प्रकार का कोई वादा (Commitments) नहीं करता है और इसमें आश्चर्यजनक बात यह होती है कि प्रगाढ़ प्रेम संबंध होने के बावजूद भी यह हंसी-ख़ुशी अपनी लव-लाइफ से ब्रेक लेते हैं। इसका अर्थ यह भी हो सकता है कि इन्हें लम्बे समय तक किसी एक संबंध में खुद को बाँधना नापसंद होगा।
किसी भी व्यक्ति के हाथ में शुक्र पर्वत से ही कोई रेखा निकलकर सीधी चंद्र पर्वत तक जाती है तब इसका अर्थ है कि व्यक्ति को भावनात्मक रूप से संतोष विदेश में रहने वाले किसी व्यक्ति से मिलेगा। इसका सीधा अर्थ यह है की जिसकी भी हथेली में इस तरह की स्नेह रेखा का संबंध चंद्र पर्वत से बनेगा तब उस व्यक्ति का विवाह विदेशी व्यक्ति से होगा या विदेश से जुड़ा जीवनसाथी होगा या विदेश में रहने वाला जीवनसाथी होगा या विदेश जाकर विवाह करेगा। इस तरह की रेखा एक सुखद (Happy) विदेशी प्रेम या विवाह बताती है।
