हाथ देखने के नियम

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हाथ देखने से पहले कुछ बातों पर ध्यान देना जरुरी है कि हाथ की बनावट कैसी है, हाथ की त्वचा कैसी है अथवा हाथ की त्वचा किस तरह का रंग लिए है आदि बातें हैं जिनका जानना जरूरी होता है. इस लेख के माध्यम से ऎसी ही कुछ बातों पर रोशनी डाली जाएगी.

 

हाथ की त्वचा – Skin Of Hand

यदि किसी व्यक्ति के हाथ की त्वचा मोटी होने के साथ सख्त भी है तो ऎसे व्यक्ति के विचार आसानी से बदलते नहीं हैं. व्यक्ति के स्वभाव में दृढ़ता रहती है. यदि हाथ की त्वचा लचीली है तो व्यक्ति का स्वभाव भी लचीला होता है. विचारों में दृढ़ता की कमी रहती है. अगर किसी व्यक्ति के हाथ की त्वचा तो लचीली हैं लेकिन हाथ सख्त है तब इसे ठोस हाथ कहा जाता है और ऎसे लोग विचारशील होने के साथ कर्मठ भी होते हैं. इनके विचारों में लचीलापन और दृढ़ता दोनों रहती हैं.

अगर किसी व्यक्ति के हाथ की त्वचा लचीली होने के साथ मुलायम भी है तो इसे पिलपिला हाथ कहा जाएगा. ऎसे में व्यक्ति का मन तो गतिशील रहता है लेकिन उसकी शारीरिक शक्ति कम होती है.  

 

हथेली का रंग – Color Of Hand

हथेली अगर गुलाबी रंगत लिए होती है तो वह शुभ मानी जाती है. अगर गेहूएँ रंग के व्यक्ति के हाथ की हथेली भी गेहुएँ रंग की होती है तो वह भी शुभ मानी जाती है. अगर किसी की हथेली का रंग लाल है तब यह क्रोध की निशानी है. लाल रंग की हथेली वाले व्यक्ति में क्रोध की मात्रा काफी अधिक होती है. अगर हथेली का रंग पीला हो गया है तब यह पीलिया रोग का संकेत हो सकता है. जिनकी हथेली का रंग सफेद होता है वह केवल अपने ही हित की सोचते हैं.

 

हथेली की अन्य बातें – Other Things Of Palm

जिन व्यक्तियों की चौड़ी हथेली होती है वह हर बात का व्यवहारिक पहलू देखते हैं. शारीरिक रुप से काफी अधिक क्रियाशील रहते हैं. जिन व्यक्तियों की हथेली लंबी होती है उनमें योजनाएँ बनाने की आदत ज्यादा होती है. जिन लोगों के हाथ अथवा हथेली छोटी होती है वह हर कार्य को केवल ऊपरी तौर पर ही देखा करते हैं और गहराई तक जाने की जहमत नहीं उठाते हैं. फटाक से काम निपटाया और पल्ला झाड़ लिया. जिन लोगों के हाथ में अंगुलियाँ छोटी होती हैं उनके काम करने की गति भी तेज होती है और फटाफट काम निपटाने की लगी रहती है.

जिन व्यक्तियों के हाथ बड़े होते हैं वह हर कार्य को सूक्ष्मता से करते हैं इसलिए इनके कार्य की गति धीमी रहती है. यदि हाथ की अंगुलियाँ भी लंबी हो तो उनके कार्य का स्तर भी ऊँचा हो जाता है लेकिन गति पहले से भी कम हो जाती है. यदि किसी व्यक्ति का हाथ भरा-भरा हो तो व्यक्ति कर्मठ होता है, वह हार मानने वाला नहीं होता है. खुले हृदय वाला होता है. लेकिन यदि किसी का हाथ पतला हो तो ऎसे व्यक्ति के मन की बात को जान पाना बहुत कठिन होता है.

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