श्रावण मास माहात्म्य – बारहवाँ अध्याय

स्वर्णगौरी व्रत का वर्णन तथा व्रत कथा ईश्वर बोले – हे ब्रह्मपुत्र ! अब मैं स्वर्णगौरी का शुभ व्रत कहूँगा,

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