शनि मृत्युंजय स्तोत्र
माना जाता है कि जो कोई व्यक्ति शनि मृत्युंजय स्तोत्र का पाठ करता है या सुन लेता है तब उसे
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माना जाता है कि जो कोई व्यक्ति शनि मृत्युंजय स्तोत्र का पाठ करता है या सुन लेता है तब उसे
“भविष्य पुराण” में शनैश्चर स्तवराज स्तोत्र का उल्लेख किया गया है. जो भी व्यक्ति अथवा साधक इस स्तोत्र का नियमित
शनि के लिए वैदिक मंत्र “ऊँ शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये । शं योरभि स्रवन्तु न:” शनि का मूल