प्रदोषस्तोत्रम्

जय देव जगन्नाथ जय शंकर शाश्वत । जय सर्वसुराध्यक्ष जय सर्वसुरार्चित ।।1।। जय सर्वगुणातीत जय सर्ववरप्रद । जय नित्यनिराधार जय विश्वम्भराव्यय।।2।। जय विश्वैकवन्द्येश जय नागेन्द्रभूषण । जय गौरीपते शम्भो जय चन्द्रार्धशेखर ।।3।। जय कोट्यर्कसंकाश जयानन्तगुणाश्रय । जय भद्र विरूपाक्ष जयाचिन्त्य निरंजन ।।4।। जय नाथ कृपासिन्धो जय भक्तार्तिभंजन । जय दुस्तरसंसारसागरोत्तारण प्रभो ।।5।। प्रसीद मे महादेव…