महाभागवत – देवीपुराण – चवालीसवाँ अध्याय 

श्रीराम जी बोले – त्रिलोकवंदनिया ! युद्ध में विजय देनेवाली ! कात्यायनी ! आपको बार-बार नमस्कार है। मुझ पर प्रसन्न

Continue reading

error: Content is protected !!