महाभागवत – देवी पुराण – अठ्ठावनवाँ अध्याय 

श्रीमहादेव जी बोले – मुनिश्रेष्ठ ! इस प्रकार छल-पूर्वक पृथ्वी का भार मिटाकर श्रीकृष्ण ने पृथ्वी तल से पुनः अपने

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