कार्तिक माह माहात्म्य – चौदहवाँ अध्याय

कार्तिक मास का आज, लिखूं चौदहवाँ अध्याय। श्री हरि कृपा करें, श्रद्धा प्रेम बढाएँ।। तब उसको इस प्रकार धर्मपूर्वक राज्य

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