भवानी स्तुति

दुसह दोष-दुख, दलनि, करु देवि दाया । विश्व-मूला-Sसि, जन-सानुकूलाSसि, कर शूलधारिणि महामूलमाया ।।1।।   तडित गर्भांड्ग सर्वांड्ग सुन्दर लसत, दिव्य

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