भैरव स्तोत्र
ॐ महाकाल भैरवाय नम: जलद् पटलनीलं दीप्यमानोग्रकेशं, त्रिशिख डमरूहस्तं चन्द्रलेखावतंसं! विमल वृष निरुढं चित्रशार्दूलवास:, विजयमनिशमीडे विक्रमोद्दण्डचण्डम्!! सबल बल विघातं
Astrology, Mantra and Dharma
ॐ महाकाल भैरवाय नम: जलद् पटलनीलं दीप्यमानोग्रकेशं, त्रिशिख डमरूहस्तं चन्द्रलेखावतंसं! विमल वृष निरुढं चित्रशार्दूलवास:, विजयमनिशमीडे विक्रमोद्दण्डचण्डम्!! सबल बल विघातं
1. ॐ ह्रीं भैरवाय नम: 2. ॐ ह्रीं भूतनाथाय नम: 3. ॐ ह्रीं भूतात्मने नम: 4. ॐ ह्रीं भू-भावनाय नम:
28 नवंबर 2020 को शनिवार के दिन बैकुण्ठ चतुर्दशी का व्रत किया जाएगा. शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति एक हजार
18 नवंबर 2026 को आँवला नवमी (अक्षय-कूष्माण्ड नवमी) मनाई जाएगी, गोपाष्टमी से अगले दिन ही कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी
एक बार सनत्कुमार जी ने सभी महर्षि-मुनियों से कहा – “हे ऋषियों ! कार्तिक अमावस्या को प्रात:काल स्नान कर भक्तिपूर्वक
एक बार यमराज ने अपने यमदूतों से प्रश्न किया, “क्या कभी प्राणियों के प्राण लेते समय तुम्हें किसी पर दया