कार्तिक माह की पाँच की एक कहानी
कार्तिक माह में बहुत सी कहानियाँ कही जाती हैं लेकिन अब जो कहानी बताई जा रही है वह एक ही
Astrology, Mantra and Dharma
कार्तिक माह में बहुत सी कहानियाँ कही जाती हैं लेकिन अब जो कहानी बताई जा रही है वह एक ही
चिदानन्दाकारं श्रुतिसरससारं समरसं निराधाराधारं भवजलधिपारं परगुणम्। रमाग्रीवाहारं व्रजवनविहारं हरनुतं सदा तं गोविन्दं परमसुखकन्दं भजत रे।।1।। महाम्भोधिस्थानं स्थिरचरनिदानं दिविजपं सुधाधारापानं
वर्ष 2020 में पितृ पक्ष श्राद्ध का आरंभ 1 सितंबर से हो रहा है. हर वर्ष आश्विन माह के आरंभ
मांगलिक योग को लेकर बहुत सी भ्राँतियाँ समाज में ज्योतिषियों द्वारा फैलाई जा रही है या यूँ कहिए कि सोशल
दोहा -Doha जनक जननि पदम दुरज, निजब मस्तक पर धारि। बन्दौं मातु सरस्वती, बुद्धि बल दे दातारि।। पूर्ण जगत में
इन्द्र उवाच नमस्तेSस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते। शंखचक्रगदाहस्ते महालक्ष्मि नमोSस्तु ते।।1।। अर्थ – इन्द्र बोले – श्रीपीठ पर स्थित और देवताओं