जन्म कुंडली के अनुसार समस्याएँ और उनका मंंत्रोपचार
जन्म कुंडली में मौजूद दोषों के कारण व्यक्ति को जीवन में अनेकों बार असफलताओं का सामना करना पड़ता है। इन
Astrology, Mantra and Dharma
जन्म कुंडली में मौजूद दोषों के कारण व्यक्ति को जीवन में अनेकों बार असफलताओं का सामना करना पड़ता है। इन
श्रीगणेशाय नम: श्रीजानकीवल्लभो विजयते श्रीरामचरितमानस पंचम सोपान सुन्दरकाण्ड श्लोक शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं निर्वाणशान्तिप्रदं ब्रह्माशम्भुफणीन्द्रसेव्यमनिशं वेदान्तवेद्यं विभुम् । रामाख्यं जगदीश्वरं सुरगुरुं मायामनुष्यं
अमोघ शिवकवच परम हितकारी है और सारे डरों को दूर करने वाला है. इसके प्रभाव से मृत्यु के नजदीक पहुँचा
इस स्तोत्र में 11वें श्लोक से 13वें श्लोक तक करन्यास, हृदयन्यास, अंगन्यास बताया गया है, जिसको विस्तार से दिया गया
माना जाता है कि जो कोई व्यक्ति शनि मृत्युंजय स्तोत्र का पाठ करता है या सुन लेता है तब उसे
ऊँ सहस्त्रारे महाचक्रे कर्पूरधवले गुरुः | पातु मां बटुको देवो भैरवः सर्वकर्मसु || पूर्वस्यामसितांगो मां दिशि रक्षतु सर्वदा | संहार