कार्तिक में आंवले की महिमा
कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को वैकुण्ठ चतुर्दशी भी कहा जाता है. इस दिन आंवले का पूजन किया
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कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को वैकुण्ठ चतुर्दशी भी कहा जाता है. इस दिन आंवले का पूजन किया
ब्रह्मा जी कहते हैं – “जो भक्त कार्तिक महीने में ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान कर पवित्र हो तुलसी दल से
कार्तिक महीने में आकाशदीप का भी महत्व माना गया है. जो व्यक्ति कार्तिक मास आने पर प्रात:काल स्नान करके आकाशदीप
कार्तिक मास में जो भी व्रत आदि रखता है उसे सदा एक पहर रात बचते ही उठ जाना चाहिए फिर
कार्तिक स्नान आश्विन माह की पूर्णिमा से प्रारंभ होकर अगले माह कार्तिक माह की पूर्णिमा पर समाप्त होता है. इस
श्रीशं कमलपत्राक्षं देवकीनन्दनं हरिम् । सुतसम्प्राप्तये कृष्णं नमामि मधुसूदनम् ।।1।। नमाम्यहं वासुदेवं सुतसम्प्राप्तये हरिम् । यशोदांकगतं बालं गोपालं नन्दनन्दनम् ।।2।।