प्रदोष व्रत 2025
प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए रखे जाते हैं. सभी प्रदोष व्रत कल्याणकारी कहे गए हैं लेकिन
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प्रदोष व्रत भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए रखे जाते हैं. सभी प्रदोष व्रत कल्याणकारी कहे गए हैं लेकिन
कभी – कभी सत्यानारायण व्रत का उदयकालिक तिथि से एक दिन का अन्तर पड़ जाता है जैसे कि सूर्योदय के
धर्मसिंधु के अनुसार एकादशी दो प्रकार की होती हैं, पहली विद्धा और दूसरी शुद्धा. यदि एकादशी तिथि दशमी तिथि से
दिनाँक दिन नवरात्र 3 अक्तूबर बृहस्पतिवार घटस्थापन,प्रतिपदा,पहला नवरात्र 4 अक्तूबर शुक्रवार द्वितीया तिथि, दूसरा नवरात्र 5 अक्तूबर शनिवार तृतीया तिथि,
आषाढ़ माह की पूर्णिमा के अगले दिन से ही सावन का महीना शुरू हो जाता है जो सावन माह की
तिथि (Dates) दिन (Days) त्यौहार (Festivals) 2 जुलाई रविवार श्रीशिव शयनोत्सव 2 जुलाई रविवार कोकिला व्रत 3 जुलाई सोमवार गुरु