त्रिपुष्कर योग – 2026
माना जाता है कि द्विपुष्कर और त्रिपुष्कर में जो भी कार्य किए जाते हैं उनका फल दोगुना व तिगुना हो
Astrology, Mantra and Dharma
माना जाता है कि द्विपुष्कर और त्रिपुष्कर में जो भी कार्य किए जाते हैं उनका फल दोगुना व तिगुना हो
माना जाता है कि द्विपुष्कर और त्रिपुष्कर में जो भी कार्य किए जाते हैं उनका फल दोगुना व तिगुना हो
यमघण्टक योग को मंगल कार्यों के लिए वर्जित माना गया है। कोई भी मंगल कार्य इस योग में नहीं करना
प्रारंभ काल – Starting Time
जैसा कि नाम से ही पता चलता है – किसी से भी पराजित ना होने वाला। किसी तरह की भी
अश्विनी, मघा, मूल, आश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती ये छ्: नक्षत्र गण्डमूल नक्षत्र कहलाते हैं. कोई भी बच्चा जब इन में