पंचक आरंभ व समाप्ति काल 2020

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पंचक – 2020

जब पंचक नक्षत्र चल रहे हों तब दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करना, मकान आरंभ करना, दुकान आदि की छत डालना, चारपाई अथवा पलँग बुनना, शव का दाह करना (मुर्दा जलाना), बाँस की चटाई बनाना, दीवार प्रारंभ करना, स्तम्भारोपण, ताँबा, पीतल अथवा तृण व काष्ठ (लकड़ी) आदि को जमा करना जैसे कामों को निषिद्ध माना गया है अर्थात पंचक के समय ये सभी काम नहीं करते. अगर ये सभी काम करने भी हैं तब पूरा उपाय करके तथा पंचक की शांति करने के बाद ही ये उपरोक्त कार्य करने चाहिए. 

 

प्रारंभ काल(Starting Time) समाप्ति काल(Ending Time)  

तारीख(Dates) घंटा(Hour)-मिनट(Minute)  तारीख(Dates) घंटा(Hour)-मिनट(Minute) 
30 दिसंबर 2019   09:35 सुबह से 4 जनवरी 2020 10:05 सुबह तक 
26 जनवरी  17: 39 से  31 जनवरी  18:10 तक 
22 फरवरी  24:29(00:29) से  27 फरवरी  25:08 (01:08 AM)  तक 
21 मार्च  06:20 सुबह से  26 मार्च  07:16 सुबह तक 
17 अप्रैल  12:18 दोपहर से  22 अप्रैल  13:18 तक 
14 मई  19:22 से  19 मई  19:53 तक 
11 जून  03:42 सुबह से  16 जून  03:17 सुबह तक 
8 जुलाई  12:31 दोपहर से  13 जुलाई  11:14 तक 
4 अगस्त  20:47 से  9 अगस्त  19:06 तक 
1 सितंबर  03:48 सुबह से  6 सितंबर  02:21 तक 
28 सितंबर  09:41 सुबह से  3 अक्तूबर  08:51 सुबह तक 
25 अक्तूबर  15:26 से  30 अक्तूबर  14:57 तक 
21 नवंबर  22:26 (10:26 PM) से  26 नवंबर  21:20 (09:20 PM) तक 
19 दिसंबर  07:16 सुबह से  24 दिसंबर  04:33 सुबह तक 

 

18 comments

  1. अगर पंचक में मृत्यु हो जाती है तब अर्थी के साथ ही पांच पुतले बनाकर जलाएं जाते हैं जिससे अन होनी टल जाए.

  2. पुतले 4 बनाते है इस प्रकार कुल 5 मृत्यु शैया पर होते है।
    या 5 व् 1 कुल 6 होते है बताये।

  3. पंचक को लेकर दो मत हैं, पहला ये कि पंचक में मृत्यु होने पर कहा गया है कि पाँच पुतले जलाने चाहिए क्योंकि पांच और लोगों की मृत्यु हो सकती है लेकिन कई स्थानों पर यह कहा गया है पंचक में मृत्यु होने पर मृत व्यक्ति के साथ चार पुतले शैया पर रख दिए जाते हैं लेकिन पंचक का अर्थ – पाँच से है तो मृत व्यक्ति के साथ पाँच पुतले जलाए जाते हैं क्योंकि पंचक में किया गया कोई भी काम पाँच गुना फल देता है. अगर चार पुतले जलाए तो चार गुना हुआ ना इसलिए पाँच पुतले बनाने का प्रचलन अधिक है.

  4. 14 जून को पंचक नहीं है वो अगले दिन 15 जून से सुबह 04:28 से आरंभ है. 14 जून को 28:28 का समय पंचक आरंभ का दिया है तो 28:28 का अर्थ हुआ सुबह 15 जून 04:28 का समय, इसलिए 14 जून को छत डाली जा सकती है.

  5. गुरुवार 15 तारिक को पंचक लगे है तो गाड़ी खरीदना चाहिए कि नही खरीदना चाहिए

  6. पंचक मे चारपाई और मकान कि छत नहीलगानी चाहिय ओर सब काम कर सकते ह नाम के या रासी के हिसाब स जे हो

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