रामायण – मनका 108
इस पाठ की एक माला प्रतिदिन करने से मनोकामना पूर्ण होती है, ऎसा माना गया है. रघुपति राघव राजाराम ।
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इस पाठ की एक माला प्रतिदिन करने से मनोकामना पूर्ण होती है, ऎसा माना गया है. रघुपति राघव राजाराम ।
श्रीरामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भवभव दारुणं । नवकंज-लोचन, कंजमुख, कर-कंज, पद कंजारुणं ।। कंदर्प अगणित अमित छबि, नवनील-नीरद-सुंदरं ।
ऊँ अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषि: श्रीसीता रामचन्द्रो देवता अनुष्टुप् छन्द: सीता शक्ति: श्रीमान् हनुमान् कीलकं श्रीरामचन्द्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोग: । अथ
श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन हरण भव भय दारुणं. नव कंजलोचन, कंज – मुख, कर – कंज, पद कंजारुणं.. कंन्दर्प