देवीस्तोत्रम्
श्रीभगवानुवाच नमो देव्यै प्रकृत्यै च विधात्र्यै सततं नम:। कल्याण्यै कामदायै च वृद्धयै सिद्धयै नमो नम:।।1।। सच्चिदानन्दरूपिण्यै संसारारणयै नम:। पंचकृत्यविधात्र्यै
Astrology, Mantra and Dharma
श्रीभगवानुवाच नमो देव्यै प्रकृत्यै च विधात्र्यै सततं नम:। कल्याण्यै कामदायै च वृद्धयै सिद्धयै नमो नम:।।1।। सच्चिदानन्दरूपिण्यै संसारारणयै नम:। पंचकृत्यविधात्र्यै
{योगनिद्रास्तुति:} ऊँ विश्वेश्वरीं जगद्धात्रीं स्थितिसंहारकारिणीम्। निद्रां भगवतीं विष्णोरतुलां तेजस: प्रभु:।।1।। अर्थ – जो इस विश्व की अधीश्वरी, जगत को धारण