महाभागवत – देवी पुराण – चौंसठवाँ अध्याय 

श्रीनारद जी बोले – परमेश्वर ! आपने कृपापूर्वक महापापनाशक, पुण्यप्रद, धन्य करने वाला और दिव्य आख्यान मुझे सुनाया। मैंने जैसा

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