महाभागवत – देवी पुराण – उनसठवाँ अध्याय
श्रीनारदजी बोले – देवदेव ! जगन्नाथ ! कृपामय ! जगत्प्रभो ! मैं पुनः आप से भगवती का उत्कृष्ट आख्यान सुनना
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श्रीनारदजी बोले – देवदेव ! जगन्नाथ ! कृपामय ! जगत्प्रभो ! मैं पुनः आप से भगवती का उत्कृष्ट आख्यान सुनना