कार्तिक माह माहात्म्य – सातवाँ अध्याय

मंगलकारी श्री हरि का, सच्चा नाम ध्याऊं। कार्तिक मास माहात्म्य का, सातवाँ अध्याय बनाऊँ।। नारद जी ने कहा – हे

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कार्तिक माह माहात्म्य – चौथा अध्याय

माता शारदा की कृपा, लिखूं भाव अनमोल। कार्तिक माहात्म का कहूं, चौथा अध्याय खोल।। नारदजी ने कहा – ऎसा कहकर

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