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अपराजिता की बेल के लाभ – अपराजिता के पौधे का महत्व

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अपराजिता की बेल दो प्रकार की पाई जाती हैं – नीले फूल वाली और सफेद फूल वाली. दोनों ही बेलों का अपना-अपना महत्व है. इस वीडियो में हमने नीले फूल वाली अपराजिता की बेल के बारे में बताया है कि उसका उपयोग किस -किस तरह से किया जाता है.

अपराजिता देवी की पूजा अपराजिता की इस बेल के रुप में की जाती है. अपराजिता का अर्थ है – जिसे कोई पराजित ना कर सके. अपने शत्रुओं पर जीत हासिल करने के लिए इस बेल की पूजा अवश्य करनी चाहिए, विशेषतौर पर शारदीय नवरात्रों में नौ के नौ दिन दुर्गा देवी को इस बेल का फूल अर्पित करना चाहिए और दशहरे अथवा विजयदशमी के दिन इसकी विशेष पूजा करनी चाहिए. इस बेल के फूल का तंत्र-मंत्र में भी बहुत ही खास महत्व है और इस बेल के पौधे तथा फूल व जड़ का औषधीय रूप में भी बहुत ज्यादा उपयोग किया जाता है.

विजयदशमी के शाम के समय इस बेल को छोटे बच्चों की कलाई पर बाँधने से वह हर क्षेत्र में सफल होते हैं. इस पौधे की विशेषताओं के बारे में जानने के लिए आप नीचे दी वीडियो को जरुर देखें और लाभ पाएँ.

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