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माना जाता है कि त्रिपुष्कर में जो भी कार्य किए जाते हैं उनका फल तिगुना हो जाता है. कुछ काम इन योगों में करने शुभ माने गए हैं जैसे – जमीन-जायदाद का खरीदना, सोना-चाँदी खरीदना, हीरे-जवाहरात लेना, वाहन लेना, गाय-भैंस की खरीद और नए उद्योग लगाना भी इन योगों में दुगुने तथा तिगुने फल प्रदान करता है.
इन दोनों योगों में यदि कोई अनिष्टकारी बात अथवा हानि हो जाए तब उसका भी फल दुगुना अथवा तिगुना हो जाता है. इन अनिष्ट की शांति के लिए द्विपुष्कर योग में दो गायों के समान धन तथा त्रिपुष्कर योग की शांति के लिए तीन गायों के मूल्य समान धन का दान किया जाता है और साथ ही तिलों से बनी पीठी का भी दान किया जाता है.
2025 में त्रिपुष्कर योग
प्रारंभ काल (Starting Time) समाप्ति काल(Ending Time)
| तिथि (Dates) | समय (Time) | तिथि (Dates) | समय (Time) |
| 15 अप्रैल | सूर्योदय | 15 अप्रैल | 10:56 |
| 20 अप्रैल | 11:49 | 20 अप्रैल | 19:01 |
| 29 अप्रैल | सूर्योदय | 29 अप्रैल | 17:32 |
| 3 मई | 07:53 | 3 मई | 12:34 |
| 17 जून | 25:02 | 18 जून | सूर्योदय |
| 22 जून | 17:39 | 22 जून | 25:23 |
| 1 जुलाई | 10:21 | 2 जुलाई | सूर्योदय |
| 6 जुलाई | 21:16 | 6 जुलाई | 22:42 |
| 12 जुलाई | सूर्योदय | 12 जुलाई | 06:36 |
| 19 अगस्त | 25:08 | 20 अगस्त | सूर्योदय |
| 24 अगस्त | 26:06 | 25 अगस्त | सूर्योदय |
| 30 अगस्त | सूर्योदय | 30 अगस्त | 14:38 |
| 13 सितंबर | 07:24 | 13 सितंबर | 10:12 |
| 28 अक्तूबर | 15:45 | 29 अक्तूबर | सूर्योदय |
| 2 नवंबर | 07:32 | 2 नवंबर | 17:04 |
| 16 दिसंबर | 14:10 | 16 दिसंबर | 23:58 |
| 27 दिसंबर | सूर्योदय | 27 दिसंबर | 09:10 |
| 31 दिसंबर | 05:01 | 31 दिसंबर | सूर्योदय |
