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अंग फड़कने का अर्थ (अंग स्फुरण)

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हिन्दुस्तान में बहुत सी बातें ऎसी है जिनके विषय में यह नहीं पता कि यह कब और कैसे आरंभ हुई पर इन बातों का आम व्यक्ति के जीवन पर काफी प्रभाव माना जाता है. आपको इस लेख के माध्यम से अंगों के फड़कने का फल बताया जाएगा. प्राचीन ग्रंथों में स्त्रियों के बाएँ अंग और पुरुषों के दाएँ का फड़कना शुभ माना गया है. नीचे दिए गए फलों की शुभ तथा अशुभ प्राप्ति स्त्री तथा पुरुषों में भिन्न होगी.

 

 

उपरोक्त फलों का शुभ फल स्त्री के बाएं अंग और पुरुष के दाएं अंग के विपरीत होता है तो विपरीत फलों की प्राप्ति होती है. उपरोक्त फलों के अतिरिक्त यदि उपरोक्त अंगों में किसी व्यक्ति के तिल का चिन्ह है, मस्सा है, लहसुन है अथवा उसे इन अंगों में खुजली हो तब भी ऊपर दिए फलों का अर्थ ही मानना चाहिए.

 

यदि कभी पैरों के तालु में खुजली हो तब व्यक्ति यात्रा पर जा सकता है. बड़े उच्चाधिकारियों अथवा मंत्री के हाथ में तिल या खुजली हो तब उन्हें जीत प्राप्त होती है. यदि यही तिल या खुजली साधारण मनुष्य के हाथ में हो तब उन्हें भी लाभ की प्राप्ति अवश्य होती है.  

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