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अष्टलक्ष्मी प्रणाम मंत्र

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ऊँ आद्य लक्ष्म्यै नम :
ऊँ विद्यालक्ष्म्यै नम :
ऊँ सौभाग्य लक्ष्म्यै नम :
ऊँ अमृतलक्ष्म्यै नम :
ऊँ काम लक्ष्म्यै नम :
ऊँ सत्य लक्ष्म्यै नम :
ऊँ भोग लक्ष्म्यै नम :
ऊँ योग लक्ष्म्यै नम :

जो व्यक्ति धनाभाव से गुजर रहे हैं या जिनके पास जीवन निर्वाह के लिए उचित मात्रा में धन नहीं है उन्हें इस मंत्र का जाप प्रतिदिन सुबह के समय जरुर करना चाहिए. इससे दरिद्रता दूर होती है. मंत्र जाप करने वाले व्यक्ति में अच्छे गुणों का विस्तार होता है अर्थात वह सर्वगुणसंपन्न बनता है. जीवन में सभी सुखों को प्राप्त करता है.

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