Site icon Astroprabha

ह्रदय रेखा – भाग 1

Advertisements

वैसे तो जिंदगी में हर व्यक्ति एक ऐसे दौर से गुजरता हैं जहाँ प्यार-मोहब्बत का आदान-प्रदान होता है, लेकिन कभी-कभी यह प्यार एकतरफा भी हो जाता है। किसी के जीवन में सुकून देने वाला प्यार रहता है तो कभी यह मानसिक तनाव भी दे देता है। आज हम कुछ हस्त रेखाओं के बारे में बात करेंगे जिनसे कि लव-लाइफ के बारे में समझ सकें कि कैसे रहने वाली है।  

दिल से संबंधित सभी बातों को हम ह्रदय रेखा से देखते हैं। अगर ह्रदय रेखा साफ़-सुथरी, उत्तम और बिना किसी रुकावट के बनी हुई है तब दिल संबंधित विषयों को लेकर व्यक्ति भाग्यशाली रहता है। सामान्य तौर पर यह माना गया है कि साफ़-सुथरी ह्रदय रेखा अगर गुरु पर्वत के मध्य तक जाती है तब ऐसा व्यक्ति दया भाव रखने वाला, दूसरे के प्रति संवेदनशील रहता है, किसी के प्रति कोई द्वेष भाव नहीं होता है। अगर यहीं पर यह रेखा दो शाखाओं में बँट जाए तब ऐसा व्यक्ति कभी किसी को किसी भी प्रकार की हानि अथवा दिल को चोट नहीं पहुंचाता है और सदा दूसरों को अच्छी सलाहें देने वाला होता है। 

एक अच्छी और मजबूत ह्रदय रेखा से कुछ छोटी-छोटी शाखाएं अगर अँगुलियों की तरफ जाती हैं तब ऐसे व्यक्ति का प्रेम आदर्शवादी होता है और व्यक्ति एक सच्चा प्रेमी साबित होता है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति के हाथ में ह्रदय रेखा तो साफ़-सुथरी और मजबूत है लेकिन ह्रदय रेखा से छोटी-छोटी शाखाएं अँगुलियों की तरफ नहीं जा रही हों तब ऐसा व्यक्ति प्रेम संबंधों को लेकर कई प्रकार के समझौते खुद से ही कर लेता है और व्यक्ति की प्रवृत्ति भी हो जाती है शीघ्रता से प्रेम संबंध बनाने की अर्थात सामने वाले के बारे में बिना सोचे समझे बस प्यार की पींगे बढ़ा देते हैं। 

हथेली के किनारे से निकलकर ह्रदय रेखा हाथ से गुजरते हुए आगे जाकर दो भागों में अगर बंट जाए और उसकी एक शाखा गुरु पर्वत पर और दूसरी शनि पर्वत पर चली जाए तब ऐसा व्यक्ति प्रेम संबंधों में भाग्यशाली माना जाता है क्योंकि उसका प्रेमी भी उतना ही संवेदनशील होगा जितना कि यह खुद होगा। ऐसे प्रेमी जोड़ों के जीवन के दूसरे क्षेत्रों मे भी काफी उन्नति रहती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार जीवन में होता है। एक दूसरे की पसंद-नापसंद का बखूबी ख्याल भी रखते हैं। 

ह्रदय रेखा किसी भी व्यक्ति की भावनाओं का आईना होती है जो व्यक्ति की भावनाओं के सभी पहलुओं की कहानी सुना देती है। अगर यह रेखा किसी व्यक्ति के हाथ में बहुत ज्यादा मजबूत है, विशेष रूप से गुरु पर्वत के नीचे जाती है तब इसे ज्यादा मजबूत माना जाता है, तब ऐसा व्यक्ति भावनात्मक रूप से काफी मजबूत होता है। साथ ही शारीरिक रूप से भी ह्रदय मजबूत ही रहता है। ऐसी रेखा वाले व्यक्ति ज्यादा कामुक भी नहीं होते हैं उन्हें खुद पर नियंत्रण भी रहता है। अगर यह रेखा हलकी गुलाबी हो, सफ़ेद या पीली रंगत लिए ना हो तब व्यक्ति की भावनाऐं अच्छी ही रहती है। 

अन्य रेखाओं की तुलना में ह्रदय रेखा पतली है और इस रेखा से कहीं कोई शाखा भी नहीं निकल रही है तब ऐसा व्यक्ति ज्यादा भावुक नहीं होता है या ये समझें कि उसके जीवन में भावनाओं का अत्यधिक महत्त्व नहीं है। व्यक्ति अत्यधिक व्यवहारिक है। इसे ऐसे भी कह सकते हैं कि दिमाग पर दिल की भावनाएं हावी नहीं होती हैं। यह विशेषतया वह व्यक्ति होते हैं जिनके हाथ में ह्रदय रेखा गुरु पर्वत तक नहीं पहुंचती है। इनके जीवन में प्रेम का मुख्य स्थान कभी नहीं रहता है। ऐसे व्यक्ति आत्मकेंद्रित ज्यादा रहते हैं। ऐसे लोगों को खुद में रहना ही ज्यादा पसंद आता है जिसकी वजह से दूसरों लोगों की खुशियों में भी ज्यादा शामिल नहीं होते है। 

अगर ह्रदय रेखा की कोई एक शाखा सूर्य पर्वत पर जाती है तब ऐसे व्यक्ति प्रेम संबंधों में काफी संतुष्टि महसूस करते हैं और खुश भी रहते हैं। इनके प्रेम संबंध काफी मजबूत, दिल को ख़ुशी देने वाले और आपसी सामंजस्य बनाए रखने वाले रहते हैं। यहाँ एक महत्वपूर्ण बात यह है कि जब भी प्रेम संबंधों में संतुष्टि और ख़ुशी देने वाली बात कही जाएगी तब ह्रदय रेखा के साथ में पूरे हाथ का आंकलन करना जरुरी हो जाता है। जैसे सूर्य रेखा, मस्तिष्क रेखा और शुक्र पर्वत का भी काफ़ी महत्त्व रहता है। अगर ये सब हाथ में अच्छी हालत में हैं तब प्रेम संबंध काफी प्रगाढ़ रहते हैं।  

ह्रदय रेखा से तो दिल की भावनाओं का पता चलता ही है इसके साथ में बुध की अंगुली के नीचे और ह्रदय रेखा के शुरू होने के साथ ही कुछ छोटी-छोटी रेखा या एक से ज्यादा रेखाएं होती है जिन्हें विवाह रेखा या यूनियन लाईन्स कहा जाता है। ये रेखाएं प्रेम संबंधों के बारे में काफी कुछ बताती हैं कि सबंध लम्बे समय तक रहेंगे या नहीं या प्रेम संबंध विवाह तक जाएँगे या नहीं। इसके साथ ही प्रेम संबंधों को लेकर शुक्र पर्वत की भी एक मुख्य भूमिका होती है।

Exit mobile version