द्विपुष्कर योग – 2020

द्वारा प्रकाशित किया गया

माना जाता है कि द्विपुष्कर और त्रिपुष्कर में जो भी कार्य किए जाते हैं उनका फल दोगुना व तिगुना हो जाता है. कुछ काम इन योगों में करने शुभ माने गए हैं जैसे – जमीन-जायदाद का खरीदना, सोना-चाँदी खरीदना, हीरे-जवाहरात लेना, वाहन लेना, गाय-भैंस की खरीद और नए उद्योग लगाना भी इन योगों में दुगुने तथा तिगुने फल प्रदान करता है. 

इन दोनों योगों में यदि कोई अनिष्टकारी बात अथवा हानि हो जाए तब उसका भी फल दुगुना अथवा तिगुना हो जाता है. इन अनिष्ट की शांति के लिए द्विपुष्कर योग में दो गायों के समान धन तथा त्रिपुष्कर योग की शांति के लिए तीन गायों के मूल्य समान धन का दान किया जाता है और साथ ही तिलों से बनी पीठी का भी दान किया जाता है. 

 

2020 में द्विपुष्कर योग 

  प्रारंभ काल (Starting Time)                                                                            समाप्ति काल (Ending Time) 

तिथि (Dates) समय (Time)  तिथि (Dates)   समय (Time)
26 जनवरी  04:36 27 जनवरी  06:16
21 मार्च  सूर्योदय  21 मार्च  07:56
31 मार्च  सूर्योदय  31 मार्च  18:44
24 मई  04:52 24 मई  25:01 (रात्रि 01:01)
2 जून  12:05 2 जून  22:55
26 जुलाई  12:37 27 जुलाई  सूर्योदय 
4 अगस्त  08:11 4 अगस्त  21:55
19 सितंबर  सूर्योदय  19 सितंबर  09:11
27 सितंबर  20:50 28 सितंबर  सूर्योदय 
21 नवंबर  09:53 21 नवंबर  21:49
1 दिसंबर  16:52 2 दिसंबर  सूर्योदय 

त्रिपुष्कर योग – 2020 के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें :-

https://chanderprabha.com/2019/12/26/tripushkar-yoga-2020/