मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पंचमी पर राम विवाह

श्रीगणेश मनाय के शाखा करूँ बखान । वर कन्या चिरंजीव हों कृपा करे भगवान । जनकपुरी के राव हैं राजा

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