फाल्गुन माह के व्रत तथा त्यौहार

  फाल्गुन माह की गणेश जी की कथा – Story Of Lord Ganesha In Falgun Month सतयुग में एक धर्मात्मा राजा रज्य करता था और उसके राज्य में राजा जैसा ही धर्मात्मा ब्राह्मण रहता था जिसका नाम विष्णु शर्मा था. इसके सात पुत्र और उनकी पुत्रवधुएँ भी थी लेकिन सभी अलग-अलग रहते थे. विष्णु शर्मा…

माघ माह के व्रत तथा त्यौहार

  माघ माह की गणेश कथा – Story Of Lord Ganesha In Magh Month सतयुग में हरिश्चन्द्र नाम के राजा राज करते थे. हरिश्चन्द्र अत्यधिक सत्यवादी और बहुत धार्मिक प्रवृति के व्यक्ति थे. उनके राज्य में प्रजा हर तरह सुखी व संपन्न थी. उनके राज्य में एक ब्राह्मण रहता था जिसका एक पुत्र था परन्तु…

पौष माह के व्रत तथा त्यौहार

  पौष माह में गणेश जी की कथा – Paush Maah Me Ganesh Ji Ki Katha एक बार की बात है, रावण ने स्वर्ग में सभी देवताओं को पराजित कर उन पर अपना अधिकार कर लिया. रावण ने संध्या करते हुए बालि को भी पकड़ लिया था. बालि वानरों का राजा था, उसकी राजधानी किष्किन्धा…

मार्गशीर्ष माह की शुक्ल पंचमी पर राम विवाह

श्रीगणेश मनाय के शाखा करूँ बखान । वर कन्या चिरंजीव हों कृपा करे भगवान । जनक्पुरी के राव हैं राजा जनक सुजान । कन्या ब्याह रचाय के यह प्रण मन ठान । परशुराम के धनुष को जो कोई लेय उठाए । सीताजी उसको वरें काय सुफल हो जाए । देश देश के भूप सुन आए…

पथवारी की कहानी

  प्राचीन समय की बात है कि किसी गाँव में एक बुढ़िया रहती थी, उसके चार बेटे थे. बुढ़िया ने चार ही भैंसे पाल रखी थी. कार्तिक का महीना आने पर बुढ़िया ने अपनी चारों बहुओं को बुलाया और कहा कि मैं तो कार्तिका नहाने जा रही हूँ. तुम चारों एक-एक भैंस रख लो, मैं…

कार्तिक माह में यमराज की कहानी

एक नगर में एक साहूकार अपनी पत्नी के साथ रहता था लेकिन वह नि:संतान थे. वह दोनो भगवान शंकर की पूजा किया करते थे. एक दिन पार्वती जी कहने लगी कि यह आपकी इतनी पूजा करते हैं फिर आप इनकी इच्छा पूरी क्यूँ नहीं करते हैं? शंकर जी कहते हैं कि इन्हें संतान सुख नही…

कार्तिक माह में विष्णु भगवान की कहानी

एक नगर में एक सेठ व सेठानी रहते थे और सेठानी रोज विष्णु भगवान की पूजा करती थी. सेठ को उसका पूजा करना बिलकुल अच्छा नहीं लगता था. इसी वजह से एक दिन सेठ ने सेठानी को घर से निकाल दिया. घर से निकलने पर वह जंगल की ओर गई तो देखा चार आदमी मिट्टी…

कार्तिक माह में पोपा बाई की कहानी

किसी गाँव में एक पोपा बाई रहती थी, वह बहुत ज्यादा नियम व्रत करती थी. एक दिन उसने भाई व भाभी से कहा कि मैं शादी नहीं करुँगी इसलिए मेरी झोपड़ी गाँव के बाहर बना दो और गाँव के सभी लोगों से कह दो कि वह अपनी गाय व बछड़ो को मेरे यहाँ ही घास-फूस…

कार्तिक माह में लक्ष्मी जी की कथा

एक बूढ़ा ब्राह्मण था वह रोज पीपल को जल से सींचता था. पीपल में से रोज एक लड़की निकलती और कहती पिताजी मैं आपके साथ जाऊँगी. यह सुनते-सुनते बूढ़ा दिन ब दिन कमजोर होने लगा तो बुढ़िया ने पूछा की क्या बात है? बूढ़ा बोला कि पीपल से एल लड़की निकलती है और कहती है…

कार्तिक माह में नौ ग्रह की कहानी

किसी गाँव में दो भाई-बहन रहते थे. एक बार भाई अपनी बहन से मिलने जा रहा था. रास्ते में एक साँप बैठा थो जो भाई को डसने को तैयार था. भाई ने साँप से विनती की, तू मुझे मत डस क्योंकि मैं अपनी माँ का एकलौता बेटा हूँ और अपनी बहन का भी एक भाई…

कार्तिक माह में सत्यवान की कहानी

एक समय की बात है किसी नगर में पोती अपनी दादी के साथ रहती थी. दोनो हर रोज सत्यवान की कहानी कहती थी. वह एक लोटे में जल भरकर और फूल रखकर कहानी कहती थी और सत्यवान का नाम लेकर अर्ध्य देती थी. पोती बड़ी हुई तो उसका विवाह हुआ और वह ससुराल जाने लगी…

कार्तिक माह में नितनेम की कथा – 2

एक गाँव में दो लड़कियाँ अपनी माँ के साथ रहती थी. वह नियम से हर रोज नितनेम की कथा कहती थी. एक दिन बेटी बोली की माँ मैं नितनेम की कहानी कहूँगी तो आज उसकी माँ ने कहा – ससुराल में तेरी ये कथा कौन सुनेगा? लेकिन उसकी जिद के आगे माँ की नहीं चली…