ज्येष्ठ माह के व्रत तथा त्यौहार

वैसे तो ज्येष्ठ माह का कोई विशेष धार्मिक महत्व नहीं है लेकिन इस माह में गंगा दशहरा आता है इसलिए इस माह को ध्यान में रखा गया है. साथ ही इस माह में सबसे अधिक गर्मी पड़ती है और इस भयंकर गर्मी में ही निर्जला एकादशी का व्रत भी आता है. इस निर्जला एकादशी का…

मोहिनी एकादशी

मोहिनी एकादशी वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है. इस दिन पुरुषोत्तम भगवान की पूजा की जाती है. भगवान की प्रतिमा को स्नान आदि कराकर सफेद वस्त्र पहनाए जाते हैं. फिर प्रतिमा को किसी ऊँचे स्थान पर रखकर धूप, दीप दिखाकर आरती की जाती है. आरती के बाद मीठे फलों का…

अश्लेषा नक्षत्र और व्यवसाय

अश्लेषा नक्षत्र कर्क राशि में 16 अंश 40 कला से 30 अंश तक रहता है. इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह बुध है. इस नक्षत्र के अन्तर्गत निम्नलिखित व्यवसाय आते हैं :- इस नक्षत्र के अन्तर्गत नशीले पदार्थों का कार्य, विष से संबंधित व्यवसाय, कीटनाशक दवाएँ, विष द्वारा उपचार के कार्य, दवाईयाँ भी विष की श्रेणी…

स्वस्तिक

स्वस्तिक का अर्थ – Meaning Of Swastik स्वस्तिक शब्द को दो अक्षरों का जोड़ माना गया है – “सु” + “अस्ति”. संस्कृत के “सु” का अर्थ – शुभ तथा “अस्ति” का अर्थ – होना बताया गया है अर्थात शुभ होना इसका अर्थ हुआ. इस प्रकार कहा जा सकता है कि स्वस्तिक का अर्थ शुभ हो…

वैशाख माह के त्योहार

कच्छप अवतार जयन्ती अथवा कूर्म जयन्ती – kurma Jayanti यह जयन्ती वैशाख कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को मनाई जाती है. भगवान विष्णु के सोलह अवतारों में से एक अवतार कच्छप अवतार भी है. जब देवताओं और असुरों ने समुद्र मंथन किया था तब भगवान विष्णु ने कच्छप अर्थात कछुए के रुप में मंदरांचल पर्वत को…

वास्तु तथा पंचतत्वों का संबंध

प्राचीन समय से ही विद्वानों का मत रहा है कि इस सृष्टि की संरचना पांच तत्वों से मिलकर हुई है. सृष्टि में इन पंचतत्वों का संतुलन बना हुआ है. यदि यह संतुलन बिगड़ गया तो यह प्रलयकारी हो सकता है. जैसे यदि प्राकृतिक रुप से जलतत्व की मात्रा अधिक हो जाती है तो पृथ्वी पर…

घर का वास्तु

एक अच्छा घर – सभी की चाहत होती है लेकिन हमारे बीच मौजूद कितने व्यक्ति इस सपने को पूरा नहीं कर पाते. घर बनाने का सपना जिन लोगों का पूरा होता है वह भाग्यशाली होते हैं. अपने सपनों का महल बनाने से पहले यदि हम कुछ बातों पर ध्यान दे तो यह घर सुख तथा…

श्रीयंत्र

आधुनिक समय में इस भाग दौड़ और चमक की दुनिया में हर कोई व्यक्ति अमीर बनना चाहता है. इसके लिए वह ना जाने कैसे कैसे हथकंडे भी आजमाने की कोशिश करता है. कई बार तो मनुष्य अपनी अंदर के भले मानुष को रौंदते हुए आगे बढ़ता है. यदि कोई व्यक्ति अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़…

व्यापार में लाभ के लिए गणेश उपाय

जब भी कोई व्यापारी अपना व्यापार आरंभ करता है और बहीखाता शुरु करता है तब सबसे पहले गणेश बनाता है और “ऊँ गणेशाय नम:” लिखता है. व्यवसायियो पर गणेश जी ज्यादा कृपा करते हैं. इसका कारण यह भी हो सकता है कि व्यापार में कुछ ना कुछ समस्या आती रहती हैं और व्यवसाय में कभी…

पुष्य नक्षत्र

पुष्य नक्षत्र कर्क राशि में 3अंश(Degree) 20 कला(MInute) से 16 अंश 40 कला तक रहता है. इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह शनि है. इस नक्षत्र में सभी प्रकार के डेयरी उद्योग, हर प्रकार का पशु पालन उद्योग, कृषि कर्म आदि इस नक्षत्र में आते हैं. जो लोग खाद्य पदार्थ बेच कर या बना कर अपनी…

पुनर्वसु नक्षत्र

पुनर्वसु नक्षत्र का विस्तार मिथुन राशि में 20 अंश(Degree) से कर्क राशि(Cancer Sign) में 3 अंश(Degree) 20 कला(Minute) तक रहता है. पुनर्वसु नक्षत्र का स्वामी ग्रह गुरू है. होटल, रेस्तरां व्यवसाय, पर्यटन व्यवसाय, अंतरिक्षयान सेवा, परिवहन सेवा मे कार्यरत कर्मचारी, आदि पुनर्वसु नक्षत्र में आने वाली सेवायें है. सिनेमा, रेडियो तथा दूरदर्शन के कलाकर, उपग्रह…

आर्द्रा नक्षत्र

आर्द्रा नक्षत्र मिथुन राशि में 6 अंश(Degree) 40 कला(Minute) से लेकर 20 अंश तक रहता है.  आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी ग्रह राहु है. विद्युत उपकरणो की मरम्मत करने वाला कारीगर, विद्युत अभियंता, विशेष परिश्रम करने वाले, शारीरिक श्रम में मजदूर वर्ग तथा मानसिक श्रम में वैज्ञानिक, गणितज्ञ, शोधकर्ता, उपन्यासकार, लेखक, दार्शनिक, आदि इस नक्षत्र में…