प्रदोष व्रत 2019

द्वारा प्रकाशित किया गया

 

प्रदोष व्रत 2019

दिनाँक (Dates) दिन (Days) हिन्दु माह (Hindu Month)
3 जनवरी बृहस्पतिवार पौष कृष्ण पक्ष
19 जनवरी शनिवार पौष शुक्ल पक्ष – शनि प्रदोष
2 फरवरी शनिवार माघ कृष्ण पक्ष – शनि प्रदोष
17 फरवरी रविवार माघ शुक्ल पक्ष
3 मार्च रविवार फाल्गुन कृष्ण पक्ष
18 मार्च सोमवार फाल्गुन शुक्ल पक्ष – सोम प्रदोष
2 अप्रैल मंगलवार चैत्र कृष्ण पक्ष – भौम प्रदोष
17 अप्रैल बुधवार चैत्र शुक्ल पक्ष
2 मई बृहस्पतिवार वैशाख कृष्ण पक्ष
16 मई बृहस्पतिवार वैशाख शुक्ल पक्ष
31 मई शुक्रवार ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष
14 जून शुक्रवार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष
30 जून रविवार आषाढ़ कृष्ण पक्ष
14 जुलाई रविवार आषाढ़ शुक्ल पक्ष
29 जुलाई सोमवार श्रावण कृष्ण पक्ष – सोम प्रदोष
12 अगस्त सोमवार श्रावण शुक्ल पक्ष – सोम प्रदोष
28 अगस्त बुधवार भाद्रपद कृष्ण पक्ष
11 सितंबर बुधवार भाद्रपद शुक्ल पक्ष
26 सितंबर बृहस्पतिवार आश्विन कृष्ण पक्ष
11 अक्तूबर शुक्रवार आश्विन शुक्ल पक्ष
25 अक्तूबर शुक्रवार कार्तिक कृष्ण पक्ष
9 नवंबर शनिवार कार्तिक शुक्ल पक्ष – शनि प्रदोष
24 नवंबर रविवार मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष
9 दिसंबर सोमवार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष – सोम प्रदोष
23 दिसंबर सोमवार पौष कृष्ण पक्ष – सोम प्रदोष

https://chanderprabha.com/2018/01/13/pradoshastotram/प्रदोष स्तोत्रम के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें :-

Advertisements

4 comments

  1. प्रदोष व्रत कोणसे दिन से करणा होता हे और ये दिन मे क्या खाना होता हे निर्जल यानी दिनभर या सुर्यास्त से रात तक कृपया मार्गदर्शन करे

  2. कहा तो यही गया है कि प्रदोष व्रत में बिना जल पीए व्रत रखना होता है। सुबह स्नान करके भगवान शंकर, पार्वती और नंदी को पंचामृत व गंगाजल से स्नान कराकर बेल पत्र, गंध, चावल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य (भोग), फल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची भगवान को चढ़ाएं। शाम के समय पुन: स्नान करके इसी तरह शिवजी की पूजा करें। शिवजी की षोडशोपचार (16 सामग्रियों से) पूजा करें। भगवान शिव को घी और शक्कर मिले जौ के सत्तू का भोग लगाएं। आठ दीपक आठ दिशाओं में जलाएं। आठ बार दीपक रखते समय प्रणाम करें। शिव आरती करें। शिव स्त्रोत, मंत्र जप करें। रात्रि में जागरण करें।

    वैसे आप अपने घर के नजदीक किसी पंडित जी से जाकर पूछे कि क्या करना चाहिए क्योंकि व्रत रखने का अर्थ तो एक ही होता है लेकिन स्थान के हिसाब से रखने का तरीका थोड़ा भिन्न हो जाता है। जैसे शिवरात्रि का व्रत भी भोले शंकर के लिए है लेकिन मैने देखा है कि हिन्दुस्तान में उसे कई तरीको से रखा जाता है. कुछ दिन भर व्रत रखकर शाम को भोजन कर लेते हैं तो कुछ स्थान पर रात भर जागकर पूजा तथा व्रत किया जाता है। इसलिए बेहतर है कि आप जिस क्षेत्र से संबंध रखते हैं तो वहाँ के नियमो के अनुसार इस प्रदोष व्रत का पालन करें।

  3. I see you don’t monetize your website, don’t waste your
    traffic, you can earn additional cash every month because you’ve got high
    quality content. If you want to know how to make extra bucks, search for: Boorfe’s tips best adsense alternative

टिप्पणियाँ बंद कर दी गयी है.