पंचक आरंभ व समाप्ति काल 2019

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प्रारंभ काल(Starting Time)           समाप्ति काल(Ending Time)  

तारीख(Dates) घंटा(Hour)-मिनट(Minute) तारीख(Dates) घंटा(Hour)-मिनट(Minute)
9 जनवरी 13:55 14 जनवरी 12:53
5 फरवरी 19:35 10 फरवरी 19:37
4 मार्च 25:44 9 मार्च 25:18
1 अप्रैल 08:21 6 अप्रैल 07:22
28 अप्रैल 15:45 3 मई 14:40
25 मई 23:43 30 मई 23:03
22 जून 07:39 27 जून 07:44
19 जुलाई 14:58 24 जुलाई 15:42
15 अगस्त 21:28 20 अगस्त 22:29
12 सितंबर 03:28 17 सितंबर 04:22
9 अक्तूबर 09:41 14 अक्तूबर 10:20
5 नवंबर 16:47 10 नवंबर 17:19
2 दिसंबर 24:57 7 दिसंबर 25:28
30 दिसंबर 09:35 4 जनवरी (2020) 10:05
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18 comments

  1. अगर पंचक में मृत्यु हो जाती है तब अर्थी के साथ ही पांच पुतले बनाकर जलाएं जाते हैं जिससे अन होनी टल जाए.

  2. पुतले 4 बनाते है इस प्रकार कुल 5 मृत्यु शैया पर होते है।
    या 5 व् 1 कुल 6 होते है बताये।

  3. पंचक को लेकर दो मत हैं, पहला ये कि पंचक में मृत्यु होने पर कहा गया है कि पाँच पुतले जलाने चाहिए क्योंकि पांच और लोगों की मृत्यु हो सकती है लेकिन कई स्थानों पर यह कहा गया है पंचक में मृत्यु होने पर मृत व्यक्ति के साथ चार पुतले शैया पर रख दिए जाते हैं लेकिन पंचक का अर्थ – पाँच से है तो मृत व्यक्ति के साथ पाँच पुतले जलाए जाते हैं क्योंकि पंचक में किया गया कोई भी काम पाँच गुना फल देता है. अगर चार पुतले जलाए तो चार गुना हुआ ना इसलिए पाँच पुतले बनाने का प्रचलन अधिक है.

  4. 14 जून को पंचक नहीं है वो अगले दिन 15 जून से सुबह 04:28 से आरंभ है. 14 जून को 28:28 का समय पंचक आरंभ का दिया है तो 28:28 का अर्थ हुआ सुबह 15 जून 04:28 का समय, इसलिए 14 जून को छत डाली जा सकती है.

  5. गुरुवार 15 तारिक को पंचक लगे है तो गाड़ी खरीदना चाहिए कि नही खरीदना चाहिए

  6. पंचक मे चारपाई और मकान कि छत नहीलगानी चाहिय ओर सब काम कर सकते ह नाम के या रासी के हिसाब स जे हो

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