नाखूनो पर बनी धारियों का अध्ययन

आपने शायद ही अपने नाखूनो को कभी ध्यान से देखा हो. हम में से अधिकतर इस बात से अनजान ही रहते हैं कि हमारे नाखून कैसे है और वह किस प्रकार से हमारे व्यक्तित्व को प्रभावित करते हैं. इस लेख के माध्यम से नाखूनो के बारे में बताने का प्रयास किया जाएगा. यदि आपके नाखूनो…

भद्रा का शुभाशुभ विचार

भद्रा को कुछ कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता है, लेकिन कुछ कार्य ऎसे भी हैं जिनमें भद्रा काल को शुभ तथा ग्राह्य माना गया है. लेकिन यदि आवश्यकता पड़े तब भद्रा मुखकाल का त्याग कर उसके बाद के भाग का समय लिया जा सकता है. भद्राकाल में विवाह करना, बच्चे का मुंडन संस्कार…

अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक शर्ते

अच्छे स्वास्थ्य के लिए जन्म कुण्डली में बहुत सी बातो का आंकलन किया जाता है जो निम्नलिखित है :-   1)सबसे पहले तो लग्न, लग्नेश का बली होना आवश्यक है. यदि अशुभ भाव का स्वामी जन्म लग्न में स्थित है तब स्वास्थ्य संबंधी परेशानियो से होकर गुजरना पड़ सकता है.   2)आठवें भाव से ज्यादा…

ज्योतिष के आधार पर तलाक का विश्लेषण

  वर्तमान समय में तलाक के योग बढ़ते जा रहे हैं, इसके बहुत से कारण होते हैं, जिससे पति-पत्नी दोनों ही आपस में सामंजस्य नहीं रख पाते हैं और वैचारिक मतभेद इतने ज्यादा हो जाते हैं कि नौबत तलाक तक पहुंच जाती है. तलाक में कोर्ट केस भी चलता है इसलिए सप्तम भाव जीवनसाथी के…

ज्योतिष और ठग

“ज्योतिष” एक ऎसा शब्द है जिससे वर्तमान समय में सभी लोग भली-भाँति परिचित हैं. यह एक ऎसी विद्या है जो अति प्राचीन विद्याओं में से एक मानी गई है. लेकिन प्राचीन समय और आधुनिक समय में इस विद्या के उपयोग में अच्छा खासा अंतर आ चुका है. पहले इसका उपयोग ऋषि-मुनियों अथवा रा जज्योतिषियों द्वारा…

अश्विनी नक्षत्र

भचक्र में शून्य से 13 अंश 20 कला तक का विस्तार अश्विनी नक्षत्र के अधिकार में आता है. अश्विनी नक्षत्र दो “अश्विन” से उत्पन्न हुआ नक्षत्र है. यह दो सितारो का समूह है. लेकिन कुछ अन्य मतानुसार अश्विनी नक्षत्र तीन सितारो का समूह है जिनकी आकृति दो अश्व के मुख समान है. इस नक्षत्र के अधिष्ठाता…

कालसर्प योग या दोष – अच्छा या बुरा

ज्योतिष में बहुत से अच्छे अथवा बुरे योगों का उल्लेख किया गया है. इन्हीं योगो में से एक योग कालसर्प योग भी है. इस योग के बारे में बहुत सी भ्रांतिया लोगो के मध्य फैली हुई है. किन्तु सही क्या है यह कहना बहुत ही कठिन काम है. कई ज्योतिषियो का यह भी मानना है…

पंचतत्वों का महत्व

प्राचीन समय से ही विद्वानों का मत रहा है कि इस सृष्टि की संरचना पांच तत्वों से मिलकर हुई है. सृष्टि में इन पंचतत्वों का संतुलन बना हुआ है. यदि यह संतुलन बिगड़ गया तो यह प्रलयकारी हो सकता है. जैसे यदि प्राकृतिक रुप से जलतत्व की मात्रा अधिक हो जाती है तो पृथ्वी पर…

चंद्र ग्रह

चन्द्रमा को ग्रहों में रानी का दर्जा दिया गया है. यह स्त्री संज्ञक ग्रह है व सबसे शांत ग्रह है. यह पतला लेकिन गोलाकार शरीर वाला है. कद सामान्यतया छोटा है, घुँघराले बाल हैं. गोरा रंग, गुलाबी आँखों के साथ मीठी व मधुर आवाज है. देखने में सुंदर व कोमल त्वचा वाला है. इसकी मानसिकता…

व्रत व त्यौहार मार्च 2017

  तिथि (Dates) दिन (Days) त्यौहार (Festivals) 5 मार्च रविवार होलाष्टक प्रारंभ, अन्नपूर्णा अष्टमी 9 मार्च बृहस्पतिवार गोविन्द द्वादशी 12 मार्च रविवार होलाष्टक समाप्त, होलिका दहन – प्रदोषे, पूर्णिमा 13 मार्च सोमवार वसन्तोत्सव, धुलैण्डी, फाग   13 मार्च सोमवार होलामेला – श्रीआनन्दपुर व पाओंटा साहिब 20 मार्च सोमवार महाविषुव दिवस 21 मार्च मंगलवार शीतलाष्टमी व्रत…

व्रत व त्यौहार अप्रैल 2017

  तिथि (Dates) दिन (Day) त्यौहार (Festivals) 1 अप्रैल शनिवार श्रीलक्ष्मी पंचमी 2 अप्रैल रविवार स्कंद षष्ठी 4 अप्रैल मंगलवार श्रीदुर्गाष्टमी, भवान्युत्पति,श्रीअशोकाष्टमी 4 अप्रैल मंगलवार श्रीरामनवमी 5 अप्रैल बुधवार वासन्त नवरात्रे(चैत्र नवरात्र) समाप्त 6 अप्रैल बृहस्पतिवार नवरात्र व्रत पारणा 8 अप्रैल शनिवार विष्णुदमनोत्सव, अनंग त्र्योदशी व्रत   9 अप्रैल रविवार श्रीमहावीर जयन्ती 10 अप्रैल सोमवार…